सिंगरौली: नशामुक्ति, गोवंश सुरक्षा और कोयला वाहनों पर रोक की मांग को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, 100 से अधिक कार्यकर्ता शामिल

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में मंगलवार को भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। संगठन ने नशामुक्ति, गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों से हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रदर्शन में 100 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने कलेक्ट्रेट के गेट नंबर-1 पर एकत्र होकर अपनी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन तीनों गंभीर मुद्दों पर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा उठाए गए मुद्दे सिंगरौली जैसे औद्योगिक और कोयलांचल क्षेत्र के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। संगठन ने सबसे पहले नशामुक्ति की मांग को प्रमुखता से उठाया। वर्तमान समय में युवाओं और समाज के अन्य वर्गों में नशे की बढ़ती लत एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। संगठन का मानना है कि नशे के कारण न केवल स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि इससे अपराध और सामाजिक विकृतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासन को नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए और नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस दिशा में प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने गोवंश की सुरक्षा का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। आवारा और असुरक्षित गोवंश की स्थिति को लेकर कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गायों और अन्य गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सड़कों पर घूम रहे मवेशी न केवल खुद दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, बल्कि आम जनता और वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। संगठन ने मांग की है कि गोवंश के संरक्षण और उनके उचित रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित रखा जा सके और सड़कों पर आवारा घूमने की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने सिंगरौली क्षेत्र की एक और बेहद गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया, जो कि कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का मामला है। सिंगरौली देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, जिसके कारण यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी कोयला वाहनों का आवागमन होता है। इन भारी वाहनों की वजह से सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिनमें स्थानीय निवासियों और राहगीरों की जान को खतरा बना रहता है। संगठन ने मांग की है कि कोयला वाहनों के संचालन पर उचित नियंत्रण लगाया जाए, उनकी गति सीमा तय की जाए और सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को रोका जा सके।
मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन में 100 से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठन इन मुद्दों को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। कलेक्ट्रेट के गेट नंबर-1 पर एकत्र होकर सभी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इन मांगों को केवल एक औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर इनके समाधान के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उल्लेखनीय है कि सिंगरौली जिला अपने कोयला उत्पादन और ऊर्जा संयंत्रों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। औद्योगिक गतिविधियों के कारण यहां पर्यावरण, यातायात और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां हमेशा से बनी रहती हैं। ऐसे में स्थानीय संगठनों द्वारा उठाए गए ये मुद्दे आम जनता के दैनिक जीवन और सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। भगवती मानव कल्याण संगठन का यह प्रदर्शन क्षेत्र की उन तमाम समस्याओं को रेखांकित करता है, जिनका समाधान न केवल प्रशासनिक स्तर पर जरूरी है, बल्कि जनहित में भी अत्यंत आवश्यक है। फिलहाल, अब देखना यह होगा कि कलेक्ट्रेट में दिए गए इस ज्ञापन और किए गए प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन इन मांगों पर कब तक और किस प्रकार की कार्रवाई करता है।

