Wed, 07 Oct 20268:36 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 8:36 AM IST
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बेतिया: स्कूल में छात्राओं से ‘बैड टच’ के आरोप में सहायक शिक्षक गिरफ्तार, बच्चों ने मिड-डे मील खाने से किया इनकार

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पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। विद्यालय में पदस्थ एक सहायक शिक्षक पर छात्राओं ने छेड़छाड़ और ‘बैड टच’ करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय परिसर और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस महकमे में भी तेजी से कार्रवाई शुरू की गई।

आरोपित शिक्षक की पहचान संजय कुमार पांडेय के रूप में हुई है, जो नरकटियागंज के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत था। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि शिक्षक संजय कुमार पांडेय उन्हें किसी न किसी बहाने से अपने पास बुलाते थे और उनके साथ गलत तरीके से स्पर्श करते थे। छात्राओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक उनकी कमर, पीठ और सीने पर हाथ लगाते थे। यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था, लेकिन डर और सहमे होने के कारण छात्राएं पहले कुछ कह नहीं पा रही थीं। जब मामला हद से अधिक बढ़ गया, तो छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती बताई।

इस घटना का असर विद्यालय के अन्य बच्चों पर भी साफ तौर पर देखा गया। छात्राओं द्वारा शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने मिड-डे मील खाने से पूरी तरह इनकार कर दिया। बच्चों के बीच दहशत और गुस्से का माहौल बन गया था। जिस विद्यालय को बच्चों की सुरक्षित शिक्षा का केंद्र माना जाता है, वहां इस तरह की घटना ने अभिभावकों और छात्रों दोनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मिड-डे मील छोड़ने की यह घटना दर्शाती है कि बच्चे किस कदर भयभीत और मानसिक तनाव में थे।

छात्राओं की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। नरकटियागंज पुलिस ने बिना किसी देरी के तत्परता दिखाते हुए आरोपित सहायक शिक्षक संजय कुमार पांडेय के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्कूलों के अंदर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर यह कोई पहली चिंता नहीं है, लेकिन जिस तरह से एक सरकारी विद्यालय के शिक्षक पर ही इस प्रकार के संगीन आरोप लगे हैं, उसने पूरे शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। राजकीय माध्यमिक विद्यालय, नरकटियागंज में हुई इस घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी मामले में उचित जांच और कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल, विभागीय स्तर पर आरोपित शिक्षक के खिलाफ क्या सेवागत कार्रवाई होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल भेजते हैं, जहां उन्हें सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। लेकिन अगर शिक्षक ही छात्राओं के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो बच्चों को स्कूल भेजना कैसे सुरक्षित होगा? छात्राओं ने जो विवरण साझा किए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। कमर, पीठ और सीने पर हाथ लगाने जैसे आरोप सीधे तौर पर यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं।

पुलिस अब आरोपित शिक्षक संजय कुमार पांडेय से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पहले भी ऐसी हरकतें कर चुका है या इसमें कोई और शामिल है। पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। चूंकि पीड़ित नाबालिग छात्राएं हैं, इसलिए उनके बयान विशेष कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज किए जाएंगे ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की दोबारा मानसिक पीड़ा से बचाया जा सके।

यह पूरा मामला न सिर्फ नरकटियागंज बल्कि पूरे बेतिया और पश्चिम चंपारण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्कूलों में बच्चियों की सुरक्षा, शिक्षकों की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन) और विद्यालयों में शिकायत निवारण समिति की सक्रियता पर अब फिर से सवाल उठने लगे हैं। वंदे भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और पुलिस तथा प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर अपडेट जारी रहेगा। फिलहाल, आरोपित शिक्षक पुलिस की हिरासत में है और कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही है।