भारतीय खिलाड़ियों को संबोधित करत स्पेन के सेनटर ऑफ बार्सिलोना रॉबर्ट मसीह।
भारतीय पैरा तैराकों ने बार्सिलोना में हुई वर्ल्ड पैरा स्विमिंग सीरीज 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। 27 सदस्यीय भारतीय टीम में 19 तैराकों ने भाग लिया और कई खिलाड़ियों ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किए। विभिन्न स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड
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करनाल से स्विमिंग कोच कंवलजीत सिंह और शरथ गायकवाड़ के नेतृत्व में भारतीय तैराकों ने दमदार प्रदर्शन किया। 17 मार्च से 23 मार्च तक हुई इस प्रतियोगिता में भारत के कार्तिक ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक युवा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाइंग समय भी हासिल कर लिया, जिससे भारतीय पैरा तैराकी को एक और नई ऊंचाई मिली।
स्पेन में जीत के बाद सेनटर ऑफ बार्सिलोना रॉबर्ट मसीह खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए।
निरंजन मुकुंदन और हिमांशु नांदल ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का टिकट कटाया
स्विमिंग कोच कंवलजीत सिंह ने बताया कि भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी सफलता निरंजन मुकुंदन और हिमांशु नांदल की रही। दोनों तैराकों ने इस साल के अंत में सिंगापुर में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इन दोनों के शानदार प्रदर्शन से भारतीय दल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है।
तेजस, साथी और वैष्णवी ने “बी” फाइनल में बनाई जगह
भारतीय टीम के लिए एक और अच्छी खबर यह रही कि तेजस नंदकुमार, साथी और वैष्णवी जगताप ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं के “बी” फाइनल में जगह बना ली। यह प्रदर्शन भारतीय पैरा तैराकी के बढ़ते स्तर को दर्शाता है और भविष्य में भारत की संभावनाओं को और मजबूत करता है।

टीम को संबोधित करते सेनटर ऑफ बार्सिलोना रॉबर्ट मसीह।
भारतीय तैराकी को मिल रही नई पहचान
कंवलजीत ने कहा कि बार्सिलोना वर्ल्ड सीरीज में भारतीय तैराकों का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि देश की तैराकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है। व्यक्तिगत रिकॉर्ड तोड़ने से लेकर पदक जीतने और विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने तक, भारतीय तैराकों ने हर क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। आने वाले टूर्नामेंट्स में भी भारत के तैराकों से उम्मीदें बढ़ गई हैं।
बार्सिलोना के सेनटर ने किया स्वागत
स्पेन में सेनटर ऑफ बार्सिलोना रॉबर्ट मसीह ने टीम का स्वागत किया और हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने टीम को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के साथ अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए और खिलाड़ियों से भी बातचीत की। बता दें कि डॉ. रॉबर्ट मसीह को प्रवासी भारतीय सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।