एजेंट द्वारा जारी सिम का उपयोग कर कंबोडिया में साइबर ट्रेडिंग फ्राॅड किया गया
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक POS एजेंट को पुलिस ने पकड़ा है। उसके द्वारा जारी किए गए फर्जी सिम कार्ड का उपयोग एशिया देश के कंबोडिया में सायबर फ्राड के लिए किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।
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मामले का खुलासा करते हुए साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से साइबर फ्रॉड के लिए उपयोग किए जा रहे मोबाइल सिम को लेकर POS एजेंट पर कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए गए।
इसके बाद पुलिस को जांच में पता चला कि छाल थाना के ग्राम मुनुंद में रहने वाला मुगली राठिया 24 साल के नाम से पंजीकृत सिम नंबर का उपयोग वह नहीं कर रहा है।
जिसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए साइबर सेल की टीम ने पता लगाया तो जानकारी मिली कि ग्राम पुरंगा में रहने वाला भूपेन्द्र दास महंत जो पीओएस एजेंट के रूप में काम करता था उसने इस सिम को जारी किया था।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया
साइबर ठगों को बेच दिया भूपेन्द्र के पास आने वाले ग्राहकों के आधार कार्ड व थंब प्रिंट का दुरूपयोग कर सिम कार्ड जारी किया और अवैध रूप से साइबर ठगो को बेच दिया था। भूपेन्द्र दास महंत को साइबर सेल ने पकड़ा और पूछताछ किया तब उसने अपने अपराध स्वीकार किया।
कंबोडिया में सिम से साइबर फ्राॅड भूपेन्द्र ने बताया कि मुगली राठिया के नाम पर फर्जी सिमकार्ड जारी कर अज्ञात व्यक्ति को अधिक कीमत में बेच दिया था। जिसक उपयोग कंबोडिया में साइबर ट्रेडिंग फ्रॉड में किया गया।
जिसके बाद जूटमिल पुलिस ने आरोपी भूपेन्द्र दास महंत के खिलाफ अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।