Wed, 07 Oct 202612:27 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:27 PM IST
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खंडवा: संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में दादागिरी और मारपीट का आरोप, कांग्रेस नेताओं ने एसपी आगम जैन से की मुलाकात

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खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। पावर प्लांट परिसर में कुछ लोगों द्वारा चुनिंदा व्यक्तियों को काम करने से रोके जाने और वहां दादागिरी किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसी विवाद के बीच मारपीट की घटना भी सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले को लेकर खंडवा जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) आगम जैन से मुलाकात की और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र में हुए इस विवाद ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट में कार्यरत कुछ विशिष्ट लोगों को वहां अपना काम करने से रोका जा रहा था। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर उन्हें काम से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान दादागिरी का रवैया अपनाया गया, जिससे वहां कार्यरत लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया। यह मामला केवल रोक-टोक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते बात मारपीट तक पहुंच गई।

मारपीट की इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं का मानना है कि पावर प्लांट जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसर में इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं और आम मजदूरों या ठेकेदारों को काम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी सिलसिले में खंडवा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में खंडवा के पुलिस अधीक्षक आगम जैन से उनके कार्यालय में मुलाकात की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एसपी के समक्ष इस पूरे प्रकरण को विस्तार से रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में खुलेआम दादागिरी चल रही है। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व पावर प्लांट के कामकाज में दखलअंदाजी कर रहे हैं और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके चुनिंदा लोगों को वहां से बाहर रखने की साजिश रच रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने एसपी आगम जैन से मांग की है कि इस मारपीट और दादागिरी के मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि पावर प्लांट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाए, ताकि वहां काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की धमकी या हिंसा का सामना न करना पड़े। नेताओं ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, ताकि असली दोषियों की पहचान हो सके और उन्हें उचित दंड मिल सके।

पुलिस अधीक्षक आगम जैन ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। सूत्रों के अनुसार, एसपी ने नेताओं को आश्वस्त किया कि पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। एसपी ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस घटना में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि संत सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट खंडवा जिले और मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इस पावर प्लांट से राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति होती है। ऐसे में, इस परियोजना के परिसर में किसी भी प्रकार का विवाद, मारपीट या दादागिरी की घटना न केवल स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह पावर प्लांट के सुचारू संचालन को भी प्रभावित कर सकती है। इस परियोजना से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका इसी पर निर्भर करती है। इसलिए, यहां शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को जनहित का मामला बताते हुए कहा कि वे आम कार्यकर्ताओं और मजदूरों के साथ खड़े हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को डरा-धमकाकर उसके रोजगार से वंचित नहीं किया जा सकता। यदि प्रशासन द्वारा इस मामले में तत्परता से कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन करने और जनता के बीच जाने के विकल्पों पर विचार कर सकती है। फिलहाल, पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर आगे की जांच जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन इस दादागिरी और मारपीट के मामले में कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई करता है।