दरभंगा: 8 साल की बच्ची से रेप के आरोपी गौरव कुमार मंडल को पुलिस ने किया गिरफ्तार, स्कूल से लौटते वक्त बहला-फुसलाकर ले गया था

बिहार के दरभंगा जिले में एक बेहद संवेदनशील और शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देउरी गांव में महज 8 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस जघन्य अपराध के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी युवक गौरव कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित बच्ची की मां द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी और आरोपी तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय हुई जब 8 वर्षीय पीड़ित बच्ची अपने स्कूल से पढ़ाई खत्म करके घर लौट रही थी। आरोपी गौरव कुमार मंडल ने रास्ते में बच्ची को अकेला देखकर उसे बहला-फुसलाया और अपने साथ किसी अन्य स्थान पर ले गया। इसके बाद आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की इस वारदात को अंजाम दिया। इतनी कम उम्र की बच्ची के साथ हुई इस घटना से पूरे देउरी गांव और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
जब इस घटना की जानकारी पीड़ित बच्ची के परिजनों को हुई तो उन्होंने आरोपी का विरोध किया। स्रोत के अनुसार, विरोध करने पर आरोपी और उसके पक्ष के लोगों ने बच्ची के परिजनों के साथ मारपीट भी की। परिजनों को डराने और धमकाने की कोशिश की गई ताकि वे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई न कर सकें। हालांकि, पीड़ित परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और बच्ची की मां ने सीधे घनश्यामपुर थाने में पहुंचकर आरोपी गौरव कुमार मंडल के खिलाफ लिखित आवेदन दिया।
बच्ची की मां के आवेदन मिलते ही दरभंगा पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए अत्यंत तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। नाबालिग से जुड़े अपराधों में पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस टीम ने देउरी गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी करते हुए अंततः आरोपी गौरव कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
इस तरह के अपराधों में भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत कड़े प्रावधान मौजूद हैं। चूंकि पीड़िता की आयु मात्र 8 वर्ष है, इसलिए यह मामला पॉक्सो (POCSO) यानी बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम के तहत आता है। पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को कठोरतम सजा का प्रावधान है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) या पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत भी दुष्कर्म और मारपीट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी गौरव कुमार मंडल का कोई आपराधिक इतिहास रहा है या यह उसकी पहली वारदात है।
देउरी गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल से घर लौटने के दौरान बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहां आरोपी पीड़ित परिवार को डरा-धमकाकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करता है, लेकिन इस मामले में पीड़ित मां की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में पुष्टि की है कि आरोपी गौरव कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया जाना इस तरह के मामलों में एक अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया है, जिसके आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
दरभंगा जिले में हाल के दिनों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों को लेकर पुलिस प्रशासन सख्ती बरतने का प्रयास कर रहा है। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और न्यायालय में उसे पेश किए जाने की तैयारी चल रही है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम के साथ ऐसी घिनौनी हरकत न हो सके।

