Wed, 07 Oct 20266:33 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 6:33 PM IST
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तरनतारन: भिखीविंड में पुलिस ने तीन शातिर नशा तस्करों को किया गिरफ्तार, 3 किलो हेरोइन सहित अफीम और आइस की बड़ी खेप बरामद

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तरनतारन। पंजाब के तरनतारन जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। तरनतारन पुलिस ने भिखीविंड इलाके में गश्त के दौरान एक कार में सवार तीन शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से मादक पदार्थों की भारी मात्रा बरामद की है, जिसमें 3 किलोग्राम हेरोइन, 930 ग्राम अफीम और 950 ग्राम महंगी आइस (मेथामफेटामाइन) शामिल है। यह बरामदगी जिले में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की गई जब पुलिस की एक विशेष टीम भिखीविंड इलाके में नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों को कार की गतिविधि पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रोकने का इशारा किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार में सवार व्यक्तियों का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार की तलाशी लेने का निर्णय लिया।

जब पुलिस कर्मियों ने कार की बारीकी से तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। वाहन के अंदर से मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने कार से कुल 3 किलोग्राम हेरोइन, 930 ग्राम अफीम और 950 ग्राम आइस (मेथामफेटामाइन) जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन मादक पदार्थों की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। खासतौर पर आइस (मेथामफेटामाइन) एक बेहद महंगा और खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स माना जाता है, जिसकी तस्करी सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बढ़ी है।

पुलिस ने कार में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, प्राप्त स्रोत सामग्री में अभी तक आरोपियों के नाम, उनकी उम्र या उनके निवास स्थान की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। लेकिन पुलिस सूत्रों ने यह स्पष्ट किया है कि पकड़े गए तीनों आरोपी शातिर किस्म के तस्कर हैं और उनका पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है। इसका मतलब है कि ये व्यक्ति पहले भी नशा तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे होंगे और पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

तरनतारन जिला भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ एक संवेदनशील क्षेत्र है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण यहां नशा तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। सीमा पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों से हेरोइन और अन्य मादक पदार्थों को फेंके जाने और फिर स्थानीय तस्करों द्वारा उन्हें खपाने के कई मामले पहले भी दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में भिखीविंड इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम और आइस की एक साथ बरामदगी यह दर्शाती है कि तस्कर किसी बड़ी खेप को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने की फिराक में थे।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसेस) एक्ट के तहत इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी एक अत्यंत गंभीर अपराध है, जिसमें आरोपियों को कठोर सजा का प्रावधान है। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

आरोपियों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन तस्करों का कोई बड़ा नेटवर्क या गैंग काम कर रहा है। पुलिस का मानना है कि इन तीनों की गिरफ्तारी से नशा तस्करी की चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी। पूछताछ के दौरान यदि अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं, तो पुलिस उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

पंजाब सरकार और राज्य पुलिस पिछले कुछ समय से नशा तस्करी के खिलाफ ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ जैसे अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा और गश्त को विशेष रूप से बढ़ाया गया है। तरनतारन पुलिस की यह ताजा कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशा तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज को नशे के इस जाल से बचाया जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश करके उनका रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया में जुटी है, ताकि इस मामले की गहराई तक जाकर जांच पूरी की जा सके।