पंजाब कांग्रेस के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सांसद में शहीद-ए-आजम भगत सिंह को भारत रतन देने की मांग उठाते हुए।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह को भारत रत्न दिलाने का मुद्दा पंजाब विधानसभा के बाद अब कांग्रेस के लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने संसद में उठाया है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को घर बैठे भारत रत्न दिया गया, जबकि देश की आजादी और एकता को कायम रखने वाल
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शहीद का नाम देख पर मिला गौरव
राजा वड़िंग ने बताया कि पांच साल पहले उन्हें त्रिपुरा जाने का मौका मिला था। एयरपोर्ट पर उतरे तो एक स्टेडियम पर उनकी नजर पड़ी, जिस पर ‘शहीद भगत सिंह स्टेडियम त्रिपुरा’ लिखा हुआ था। भगत सिंह पंजाब में पैदा हुए, त्रिपुरा में उनका नाम देखकर उनके मन में गौरव और गर्व का भाव पैदा हुआ। देश की आजादी और एकता के लिए उन्होंने बलिदान दिया है।
23 मार्च 1931 की शाम की बात है, जब वह लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे। अफसर ने दरवाजा खोला और बोला, “आपको फांसी देने का फरमान आ गया है।” इस पर भगत सिंह ने कहा, “दो मिनट रुक जाएं, इस समय एक क्रांतिकारी की दूसरे क्रांतिकारी से मुलाकात हो रही है।” हालांकि 92 साल के बाद भी उन्हें भारत रत्न नहीं दिया गया।
कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा मीडिया से बातचीत करते हुए।
सीएम ने कांग्रेस को घेरा था
सात दिन पहले 27 मार्च काे पंजाब विधानसभा में बजट सेशन के दौरान कांग्रेस के सीनियर नेता व सीएलपी प्रताप सिंह बाजवा ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को भारत रतन दिलाने की मांग उठाई थी। हालांकि शून्यकाल के दौरान जब वह बोलने लगे तो आम आदमी पार्टी के विधायकों ने इसका विरोध किया। जब विरोध हुआ तो उन्होंने सदन से वाकआउट कर दिया था।
हालांकि आप विधायकों का कहना था कि वह भी भगत सिंह भारत रतन की मांग करते है। लेकिन इसके बाद जब बजट पर सीएम भगवंत मान बजट पर अपनी बात रखने आए तो उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा व कांग्रेस को घेरा था। सीएम ने उस समय कहा था कि एलओपी साहिब को भारत रत्न की याद आ गई है। भारत रत्न अवार्ड उसे मिलना चाहिए जिससे अवाई की इज्जत बने। भारत रत्न अवार्ड देने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रपति नाम भेजता है। दो प्रधानमंत्री ऐसे हैं, जिन्होंने अपने लिए भारत रत्न लिए थे । इसमें जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का नाम शामिल है। मैं उनसे कहता हूं एक अवाॅर्ड वहां से लेकर दे देंगे। । जैसे बादल से मरणोप्रांत फखरे कौम वापस लिया गया।