Wed, 07 Oct 202610:12 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 10:12 AM IST
होम › छत्तीसगढ़

8 साल से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने पर नगर निगम का बड़ा एक्शन: मारुति बिजनेस पार्क की दो कमर्शियल प्रॉपर्टी सील, 3.12 लाख रुपये से अधिक का बकाया

WhatsAppFacebookX

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में निगम की जोन 5 की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड 39 स्थित मारुति बिजनेस पार्क में दो कमर्शियल प्रॉपर्टी को सील कर दिया है। यह कार्रवाई उन संपत्तियों के खिलाफ की गई है जिनके मालिकों द्वारा पिछले लगभग आठ सालों से प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया गया था। निगम के अनुसार, इन दोनों कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 3.12 लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया हो चुका था, जिसकी वसूली के लिए कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। इसके बाद निगम को यह सख्त कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ा।

नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जोन 5 की टीम ने वार्ड 39 के अंतर्गत आने वाले मारुति बिजनेस पार्क में यह अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने उन दो वाणिज्यिक संपत्तियों की पहचान की, जिन पर वर्षों से संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया जा रहा था। निगम के रिकॉर्ड की जांच करने पर यह बात सामने आई कि संबंधित प्रॉपर्टी मालिकों ने लगातार आठ वर्षों तक टैक्स जमा नहीं कराया है। इस अवधि में बकाया राशि बढ़कर 3.12 लाख रुपये से भी अधिक हो गई थी। निगम ने नियमानुसार पहले बकायादारों को नोटिस जारी किए और उन्हें भुगतान करने का पर्याप्त समय दिया, लेकिन जब उनकी ओर से कोई पहल नहीं की गई, तो अंततः संपत्तियों को सील करने का निर्णय लिया गया।

नगर निगम ने हाल के दिनों में बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर अपने अभियान में काफी तेजी लाई है। शहर के विभिन्न जोन में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लंबे समय से टैक्स न भरने वाले संपत्ति मालिकों का डेटा खंगाल रही हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही हैं। मारुति बिजनेस पार्क में की गई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। निगम का स्पष्ट संदेश है कि चाहे आवासीय संपत्ति हो या कमर्शियल, यदि कोई भी व्यक्ति प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने में चूक करता है या जानबूझकर टैक्स नहीं भरता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जोन 5 की टीम ने वार्ड 39 में इस कार्रवाई को अंजाम देकर अन्य बकायादारों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपना बकाया जल्द से जल्द जमा कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ भी सीलिंग जैसी कार्रवाई हो सकती है।

प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण स्रोत होता है। इसी राजस्व से शहर में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़कों का निर्माण और मरम्मत, जल आपूर्ति, स्वच्छता अभियान, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का संचालन किया जाता है। जब कुछ लोग वर्षों तक अपना टैक्स नहीं भरते हैं, तो इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। यही कारण है कि नगर निगम अब ऐसे बकायादारों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। आठ साल तक टैक्स न भरना निगम के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है और ऐसी स्थिति में संपत्ति को सील करना निगम के पास मौजूद वैधानिक अधिकारों के तहत ही किया गया है।

निगम के अधिकारियों ने बताया कि मारुति बिजनेस पार्क की जिन दो कमर्शियल प्रॉपर्टी को सील किया गया है, उनका संचालन तब तक पूरी तरह से बंद रहेगा, जब तक कि संबंधित मालिकों द्वारा पूरा बकाया टैक्स, उस पर लगने वाला ब्याज और अन्य लागू शुल्क जमा नहीं करा दिया जाता। सील खोलने की प्रक्रिया के लिए बकायादारों को निगम के संबंधित जोनल कार्यालय में संपर्क करना होगा और पूरी राशि का भुगतान करने के बाद ही संपत्ति को पुनः उपयोग के लिए खोला जाएगा। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि सील की गई संपत्तियों को बिना अनुमति के खोलने या वहां किसी प्रकार का व्यावसायिक संचालन करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

इस कार्रवाई से शहर के अन्य व्यापारियों और संपत्ति मालिकों में भी हड़कंप मना हुआ है। जोन 5 और वार्ड 39 के क्षेत्र में कई अन्य संपत्ति मालिक अब अपने बकाया टैक्स की जानकारी जुटा रहे हैं ताकि वे समय रहते भुगतान कर सकें और निगम की कार्रवाई से बच सकें। नगर निगम की ओर से यह अपील की गई है कि सभी नागरिक और व्यापारी समय-समय पर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएं। निगम ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टैक्स जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि शहर के समग्र विकास और राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए की जा रही है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य जोन और वार्डों में भी ऐसे ही अभियान चलाए जाने की संभावना है, जिनमें लंबे समय से टैक्स न भरने वालों की संपत्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।