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Wed, Oct 7, 2026Updated 8:36 AM IST
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अररिया में 2.17 लाख रुपये के जाली नोट बरामद: सिलीगुड़ी से लाए गए 500 के 434 नोट, एक आरोपित गिरफ्तार; मोबाइल से नेटवर्क खंगालेगी पुलिस

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बिहार के अररिया जिले में पुलिस ने नकली मुद्रा (जाली नोट) की तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। अररिया पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 500 रुपये के कुल 434 जाली नोट बरामद किए हैं। जब्त किए गए इन सभी नकली नोटों की कुल कीमत 2 लाख 17 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान मोहम्मद पनाउल्लाह के रूप में हुई है। यह घटना जिले में अवैध वित्तीय गतिविधियों और नकली मुद्रा के प्रसार को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपित मोहम्मद पनाउल्लाह इन जाली नोटों को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से लेकर आया था। सिलीगुड़ी और बिहार के सीमांचल क्षेत्रों के बीच भौगोलिक निकटता को देखते हुए, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह नकली नोटों की तस्करी का कोई संगठित और स्थायी मार्ग है। 500 रुपये के 434 नोटों का एक साथ बरामद होना यह स्पष्ट करता है कि यह कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश और बड़ा नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। बाजार में इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट पहुंचने से आम जनता और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होने का खतरा बना रहता है।

अररिया पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद पनाउल्लाह से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि सिलीगुड़ी में उसे ये नकली नोट किसने उपलब्ध कराए थे और अररिया या आसपास के अन्य जिलों में इन नोटों को बाजार में खपाने की क्या योजना थी। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपित अकेला काम कर रहा था या उसके साथ और भी लोग शामिल हैं जो इस धंधे में उसकी मदद करते थे।

इस मामले की गहराई तक पहुंचने और पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए अररिया पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद पनाउल्लाह के मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब इस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, मैसेज हिस्ट्री और अन्य डिजिटल डेटा की बारीकी से जांच करेगी। इस तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से पुलिस उस पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी में है, जिससे आरोपित जुड़ा हुआ था। मोबाइल से मिलने वाले सुरागों के आधार पर पुलिस सिलीगुड़ी से लेकर अररिया तक फैले उन सभी लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेगी जो इस नकली मुद्रा के कारोबार में किसी न किसी रूप में शामिल रहे हैं।

भारतीय दंड संहिता और संबंधित कानूनों के तहत नकली मुद्रा का निर्माण, रखना, परिवहन करना या उसे चलाना एक अत्यंत गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। अररिया पुलिस द्वारा 2.17 लाख रुपये के जाली नोट बरामद करने की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारों और व्यापारिक गतिविधियों के दौरान नकली नोटों की खेप बाजार में उतारने की कोशिशें अक्सर तेज हो जाती हैं। पुलिस की इस समय पर की गई सफल कार्रवाई ने बाजार में बड़ी मात्रा में नकली नोट पहुंचने से पहले ही उसे रोक दिया है।

सीमांचल का अररिया जिला नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमाओं से जुड़ा हुआ एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में यहां से होकर अवैध सामान और नकली मुद्रा की तस्करी की आशंका हमेशा बनी रहती है। सिलीगुड़ी से नकली नोट लाए जाने की जानकारी ने पुलिस प्रशासन के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद अररिया पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस और सिलीगुड़ी के स्थानीय प्रशासन से भी संपर्क कर सकती है ताकि नकली नोट छापने या उन्हें सप्लाई करने वाले मूल स्रोत तक पहुंचा जा सके।

आम नागरिकों और दुकानदारों से भी अपील की जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध नोट को लेने से पहले उसकी सुरक्षा विशेषताओं की अच्छी तरह जांच कर लें। यदि किसी को बाजार में नकली नोट चलाने की कोई जानकारी मिलती है या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए। अररिया पुलिस की यह कार्रवाई जिले में आपराधिक तत्वों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद पनाउल्लाह से पूछताछ का दौर जारी है और पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस पूरे नेटवर्क का विस्तृत ब्योरा सामने आ सकेगा। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।