Wed, 07 Oct 20261:52 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 1:52 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश विधानसभा में सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव: आचार्य समयसागर महाराज के प्रवचनों में शामिल हुए सीएम मोहन यादव और अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

WhatsAppFacebookX

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में मंगलवार को सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जैन धर्म की पवित्र परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर था, जिसमें राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता जैन आचार्य श्री समयसागर जी महाराज का ससंघ सानिध्य रहा, जिन्होंने उपस्थित श्रोताओं को क्षमा, करुणा और मानवीय मूल्यों पर गहरा प्रवचन दिया। इस आध्यात्मिक सभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ नेता और समाज के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे, जिससे इस आयोजन का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ गया।

विधानसभा परिसर में आयोजित इस सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव का उद्देश्य न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करना था, बल्कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और क्षमाशीलता के गुणों को पुनर्स्थापित करना भी था। आचार्य श्री समयसागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में स्पष्ट किया कि क्षमा केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और व्यक्तिगत शांति का मूल आधार है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन और सार्वजनिक सेवा में इन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लें। उनके प्रवचनों का असर सभागार में स्पष्ट रूप से देखा गया, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित सभी उपस्थित लोग गहरी तल्लीनता के साथ सुनते रहे।

इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) मंत्री चैतन्य काश्यप ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो सरकार की ओर से इस आयोजन को दिए गए महत्व को दर्शाता है। इसके अलावा, पूर्व मंत्री जयंत मलैया और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। राजनीतिक दलों और वैचारिक मतभेदों से परे होकर, सभी नेताओं का एक मंच पर आना और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना मध्यप्रदेश की राजनीतिक संस्कृति में सामाजिक सरोकारों की प्राथमिकता को रेखांकित करता है। जैन समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने भी इस अवसर पर उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे विधानसभा परिसर में एक विशिष्ट सामुदायिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की, जो क्षेत्रीय पहचान और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि भिंड-मुरैना क्षेत्र को केवल डकैतों के संदर्भ में जानना अधूरी जानकारी है। उनका यह कथन इस बात की ओर इशारा करता है कि किसी भी क्षेत्र की पहचान को उसके अतीत की किसी एक नकारात्मक छवि तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने संभवतः यह संदेश देने का प्रयास किया कि भिंड-मुरैना जैसे क्षेत्रों में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की एक समृद्ध परंपरा रही है, जिसे वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पहचाना जाना आवश्यक है। आचार्य समयसागर महाराज की उपस्थिति और प्रवचन इसी व्यापक सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, जो क्षेत्र की सकारात्मक पहचान को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति इस कार्यक्रम के लिए विशेष महत्व रखती थी। राज्य के कार्यपालिका प्रमुख के रूप में उनकी सहभागिता यह दर्शाती है कि सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को केवल औपचारिकता नहीं मानती, बल्कि इन्हें सामाजिक एकता और नैतिक उत्थान के साधन के रूप में देखती है। विधानसभा परिसर में ऐसे आयोजनों का होना लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी प्रगाढ़ करता है। यह घटनाक्रम बताता है कि मध्यप्रदेश में प्रशासन और आध्यात्मिकता के बीच एक संतुलित संबंध स्थापित करने के प्रयास जारी हैं, जहाँ नीति-निर्माण के केंद्र बिंदु पर रहने वाली संस्थाएँ भी सामाजिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करती हैं।

सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन जैन धर्म की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसमें व्यक्ति और समाज दोनों स्तरों पर मन की शुद्धि और संबंधों की मजबूती पर जोर दिया जाता है। विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक स्थल पर इसका आयोजन एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम है। यह दिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद, सहिष्णुता और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना को बनाए रखना कितना आवश्यक है। आचार्य समयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम ने उपस्थित सभी लोगों को आत्मचिंतन और सामाजिक दायित्वों के प्रति सचेत होने का अवसर प्रदान किया।

इस प्रकार, मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में संपन्न हुआ सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव केवल एक धार्मिक समारोह नहीं था, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक विविधता, राजनीतिक नेतृत्व की सामाजिक संवेदनशीलता और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के सार्वजनिक जीवन में महत्व का एक जीवंत उदाहरण था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व प्रदान किया, जिसका प्रभाव भविष्य में भी राज्य की सामाजिक चेतना पर देखने को मिल सकता है।