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Wed, Oct 7, 2026Updated 8:35 AM IST
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विभूतिपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत: मां ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया, थाने में शिकायत दर्ज

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बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड अंतर्गत केराई वार्ड 8 में एक 29 वर्षीय विवाहिता रूबी खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना को लेकर मृतका के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं और ससुराल वालों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया है। मृतका की मां नाजमूल खातून ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपने दामाद मोहम्मद राजीव सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ बेटी को जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और मामले की तहकीकात जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना विभूतिपुर के केराई वार्ड 8 की है, जहां रूबी खातून अपने ससुराल में रहती थी। बुधवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बात कही गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रूबी की मौत के बाद जब उसके मायके वालों को इसकी सूचना मिली, तो वे मौके पर पहुंचे और बेटी की मौत को स्वाभाविक न मानते हुए हत्या की आशंका जताई। मृतका की मां नाजमूल खातून ने पुलिस को दिए गए बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष के लोगों ने जानबूझकर जहरीला पदार्थ पिलाया, जिससे उसकी मौत हुई है। उन्होंने अपनी शिकायत में पति मोहम्मद राजीव के अलावा दो अन्य व्यक्तियों को भी नामजद किया है, जिन पर हत्या का षड्यंत्र रचने और उसे अंजाम देने का आरोप है।

मायके पक्ष का कहना है कि शादी के बाद से ही रूबी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि ससुराल वाले अक्सर उसे कम दहेज लाने को लेकर ताने देते थे और मानसिक व शारीरिक यातनाएं देते थे। कई बार इस संबंध में पंचायत और सुलह-सफाई की कोशिशें भी की गईं, लेकिन ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। परिवार वालों का दावा है कि हाल के दिनों में दहेज की मांग और बढ़ गई थी, जिसे पूरा न कर पाने पर रूबी को मौत के घाट उतार दिया गया। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल पुलिस जांच का विषय हैं और इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयानों को दर्ज कर लिया है और अब मेडिकल रिपोर्ट तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

विभूतिपुर थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें मृतका की मां की ओर से एक लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें तीन लोगों के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच टीम गठित की गई है, जो मौके पर जाकर साक्ष्य जुटा रही है और पड़ोसियों तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी और उसके बाद ही आगे की कानूवी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जहर या किसी अन्य अप्राकृतिक कारण से मौत की पुष्टि होती है, तो नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

इस घटना ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इसे दहेज प्रथा के खिलाफ एक और दुखद उदाहरण मान रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त की है और पुलिस से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दहेज से जुड़ी मौतों में अक्सर देरी से कार्रवाई होने या सबूतों के अभाव में आरोपी बच निकलते हैं, इसलिए इस मामले में विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए। वहीं, मृतका के परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

बिहार में दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के मामले लगातार सामने आते रहे हैं और सरकार द्वारा इसके खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने के बावजूद ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। विभूतिपुर की यह घटना एक बार फिर इस कड़वे सच को सामने लाती है कि समाज में दहेज प्रथा कितनी गहराई तक जड़ें जमाए हुए है। पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे इस मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करें और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो पाएगी। तब तक सभी आरोपों को संदिग्ध माना जाना चाहिए और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना अनिवार्य है।