बिहार के 18 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट: समय से पहले मानसून की विदाई शुरू, बाढ़ से 8 लाख लोग प्रभावित

पटना। वंदे भारत न्यूज़। बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। राज्य के 18 जिलों में आज आंधी-बारिश और बिजली गिरने को लेकर मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही राज्य में समय से पहले मानसून की विदाई की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिससे मौसम के पैटर्न में स्पष्ट बदलाव देखा जा रहा है। दूसरी ओर, बाढ़ की स्थिति अभी भी कई इलाकों में गंभीर बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 466 गांवों के करीब 8 लाख लोग बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। पटना सहित अन्य प्रमुख शहरों में उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए यलो अलर्ट के मुताबिक, बिहार के 18 जिलों में आज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंची इमारतों के पास जाने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाएं। यलो अलर्ट का अर्थ होता है कि मौसम संबंधी घटनाओं की संभावना है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, हालांकि यह ऑरेंज या रेड अलर्ट की तुलना में कम तीव्रता का संकेत देता है।
राज्य में इस वर्ष मानसून की विदाई निर्धारित समय से पहले ही शुरू हो गई है। सामान्यतः बिहार में मानसून की वापसी अक्टूबर के मध्य तक होती है, लेकिन इस बार मौसम वैज्ञानिकों ने समय से पहले मानसून के लौटने के संकेत दिए हैं। मानसून की विदाई के साथ ही दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, मानसून के पूरी तरह से लौटने से पहले इन 18 जिलों में होने वाली बारिश से कुछ क्षेत्रों में अस्थायी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की विदाई की यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरे राज्य में दिखाई देगी, जिसके बाद सर्दियों के मौसम की शुरुआत होने की संभावना रहेगी।
वहीं, राजधानी पटना में गर्मी और उमस का स्तर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पटना में तापमान और आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप और शाम होते ही बढ़ती उमस ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उच्च आर्द्रता के कारण पसीना सूखने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे गर्मी का एहसास अधिक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही, शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने पर जोर दिया गया है।
मौसम के इस बदलाव के बीच बिहार में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह से टला नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के 466 गांवों के लगभग 8 लाख लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। नदियों के जलस्तर में आई गिरावट के बावजूद निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी का ठहराव बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर संपर्क मार्ग टूटने या जलमग्न होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में चुनौतियां आ रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित गांवों में राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है, जहां भोजन, साफ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है। 8 लाख प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास को लेकर सरकार की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बाढ़ के पानी में डूबने, सर्पदंश और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी सक्रिय रखा गया है। प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता राशि और अन्य लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
कुल मिलाकर, बिहार में एक तरफ जहां मानसून की समय पूर्व विदाई और 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट मौसम में बदलाव का संकेत दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ 466 गांवों के 8 लाख लोग अभी भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं। पटना जैसे शहरों में गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद आज होने वाली हल्की बारिश से बंधी है। मौसम विभाग ने सभी जिला प्रशासनों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से भी अनुरोध है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें।

