Wed, 07 Oct 202612:27 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:27 PM IST
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बिहार में मतदाता सूची विसंगतियों को लेकर महागठबंधन का आक्रोश मार्च: आज राज्यभर के प्रखंडों में प्रदर्शन, कल पटना में सप्तमूर्ति चौक से लोकभवन तक निकलेगा जुलूस

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पटना। बिहार में मतदाता सूची में कथित विसंगतियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी महागठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। इस क्रम में आज 7 अक्टूबर को राज्य भर के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आक्रोश मार्च निकाल रहे हैं। वहीं, इस अभियान को और तेज करते हुए कल यानी 8 अक्टूबर को राजधानी पटना में एक विशाल प्रतिरोध मार्च आयोजित किया जाएगा, जो सप्तमूर्ति चौक से शुरू होकर लोकभवन तक पहुंचेगा। यह जानकारी महागठबंधन के घटक दलों द्वारा जारी संयुक्त बयान में दी गई है।

महागठबंधन के अनुसार, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं, जबकि फर्जी वोटरों को शामिल किया गया है। इन अनियमितताओं को लेकर महागठबंधन ने पहले भी चुनाव आयोग से शिकायत की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया गया है। आज के प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का उद्देश्य ग्रामीण स्तर तक मतदाताओं को जागरूक करना और उनकी समस्याओं को संगठित रूप से उजागर करना है।

आज के आक्रोश मार्च में महागठबंधन के सभी घटक दलों—राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, वामपंथी पार्टियों और अन्य सहयोगी दलों—के स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी के माध्यम से चुनाव आयोग तथा एसआईआर प्रक्रिया के प्रति असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि ये प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और युवा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। प्रखंड स्तर पर इकट्ठा किए गए हस्ताक्षर और शिकायतें बाद में जिला एवं राज्य स्तर पर चुनाव अधिकारियों को सौंपी जाएंगी।

कल पटना में होने वाला मुख्य प्रतिरोध मार्च इस आंदोलन का केंद्रबिंदु होगा। सप्तमूर्ति चौक से शुरू होकर लोकभवन तक जाने वाले इस जुलूस में हजारों की तादाद में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। मार्च के मद्देनजर पटना पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। सप्तमूर्ति चौक और लोकभवन क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम जनता को असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था की है, क्योंकि मार्च के दौरान मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

महागठबंधन के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए है। उनका कहना है कि यदि मतदाता सूची में सुधार नहीं किया गया तो आगामी चुनावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगेगा। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि एसआईआर प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल पुनः शामिल किया जाए।

उल्लेखनीय है कि बिहार में मतदाता सूची को लेकर विवाद नया नहीं है, लेकिन इस बार विपक्ष ने इसे संगठित और व्यापक स्तर पर उठाया है। महागठबंधन का मानना है कि वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और इससे लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर हो रही है। आज के राज्यव्यापी प्रदर्शन और कल के पटना मार्च को वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति के तहत देख रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग के स्थानीय अधिकारी विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तकनीकी समीक्षा कर रहे हैं। यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित बीएलओ और अन्य कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी जा सकती है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन आगामी चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि मतदाता सूची का मुद्दा सीधे तौर पर जनता के मताधिकार से जुड़ा है।

महागठबंधन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी मतदाता सूची की जांच करें और यदि कोई त्रुटि पाते हैं तो तुरंत संबंधित अधिकारियों या विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों से संपर्क करें। उनका कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर मतदाता का सतर्क रहना आवश्यक है। आज और कल के प्रदर्शनों को वे इसी जनजागरूकता अभियान का हिस्सा मान रहे हैं।