Wed, 07 Oct 202612:26 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:26 PM IST
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रायपुर: बच्चे को गोद में लिए बुजुर्ग पर सांड का अचानक हमला, सड़क पर गिरा बच्चा; वन विभाग ने ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से किया बेहोश

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार को एक आवारा सांड के हमले का भयावह मामला सामने आया है। इस घटना में सांड ने सड़क पर जा रहे कुल 7 लोगों पर अचानक हमला कर दिया। सबसे चिंताजनक दृश्य तब देखने को मिला जब सांड ने एक घर के बाहर खड़े उस बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया, जिसकी गोद में एक छोटा बच्चा था। इस हमले का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे जानवर ने पीछे से आकर अचानक बुजुर्ग पर हमला बोला। इस धक्के और हमले के कारण बच्चा बुजुर्ग की गोद से छूटकर सीधे सड़क पर गिर गया, जबकि सांड ने बुजुर्ग को दौड़ा-दौड़ाकर अपने सींगों से मारना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद सांड को ट्रैंक्विलाइजर डार्ट (बेहोशी का इंजेक्शन) लगाकर उसे बेहोश किया और स्थिति को नियंत्रण में लाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार के दिन राजधानी रायपुर की एक आवासीय सड़क पर घटी। इलाके में उस समय आम दिनों की तरह लोगों का आना-जाना लगा हुआ था। कुछ लोग सड़क से गुजर रहे थे, तो कुछ अपने घरों के बाहर खड़े थे। इसी दौरान एक सांड अचानक आक्रामक हो गया। स्रोत के मुताबिक, इस आवारा सांड ने सड़क पर मौजूद कुल 7 लोगों पर हमला किया। सांड के इस अचानक और तेज रफ्तार वाले हमले से सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सांड का आक्रामक रूप देखकर स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई, क्योंकि कोई भी यह अनुमान नहीं लगा पा रहा था कि जानवर किस पर अगला वार करेगा।

इसी घटनाक्रम के दौरान जो सबसे खतरनाक और दिल दहला देने वाला वाकया हुआ, वह एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ घटित हुआ। यह बुजुर्ग अपने घर के बाहर खड़ा था और उसने अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को उठाया हुआ था। सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की तरह ही यह बुजुर्ग भी शायद सांड के आक्रामक होने की संभावना से पूरी तरह अनजान था। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से कैद हुए दृश्यों के अनुसार, सांड ने पीछे की तरफ से अचानक इस बुजुर्ग पर जोरदार हमला बोल दिया। यह हमला इतना तीव्र और अप्रत्याशित था कि बुजुर्ग को खुद को संभालने या बच्चे को सुरक्षित रखने का कोई मौका नहीं मिल पाया।

सांड के इस अचानक किए गए हमले के झटके से बुजुर्ग का संतुलन बिगड़ गया और उसकी गोद में मौजूद बच्चा छिटककर सीधे कठोर सड़क पर आ गिरा। बच्चे के सड़क पर गिरते ही वहां मौजूद लोगों की चीखें निकल गईं। हालांकि, सांड का ध्यान बच्चे की ओर जाने के बजाय बुजुर्ग पर ही केंद्रित रहा। सीसीटीवी वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे के गिरने के बाद सांड ने बुजुर्ग को दौड़ा लिया। बुजुर्ग अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सांड ने उसे दौड़ा-दौड़ाकर अपने नुकीले सींगों से मारना शुरू कर दिया। बुजुर्ग पर सांड के सींगों से किए गए इस लगातार हमले ने पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना दिया।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और वन विभाग को दी। सड़क पर सांड के इस तांडव और लोगों पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए वन विभाग की एक विशेष टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबसे पहले आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए और भीड़ को हटाया, ताकि सांड और अधिक उत्तेजित न हो सके। इसके बाद विभागीय टीम ने सांड को काबू करने की रणनीति बनाई।

वन विभाग के कर्मचारियों ने सांड को शांत करने और उसे पकड़ने के लिए ट्रैंक्विलाइजर डार्ट यानी बेहोशी की दवा वाले इंजेक्शन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया। टीम ने सही समय और दूरी का आकलन करते हुए सांड पर ट्रैंक्विलाइजर डार्ट चलाया। दवा का असर होने में कुछ समय लगा, लेकिन अंततः सांड बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। सांड के बेहोश होते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद बेहोश सांड को वहां से सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई की गई, ताकि होश में आने पर वह दोबारा किसी को नुकसान न पहुंचा सके।

रायपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में आवारा मवेशियों और विशेषकर सांडों द्वारा लोगों पर हमले की ऐसी घटनाएं आम जनजीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी हैं। सड़कों पर घूमने वाले इन आवारा जानवरों के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि पैदल चलने वालों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों की जान को भी लगातार खतरा बना रहता है। मंगलवार को हुई इस घटना ने एक बार फिर से शहर में आवारा मवेशियों की समस्या और उनके प्रबंधन में आ रही कमियों को उजागर किया है।

इस मामले में सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार एक पल में शांत दिखने वाली सड़क अचानक खतरे के क्षेत्र में बदल गई। हालांकि, वन विभाग की टीम की त्वरित कार्रवाई और ट्रैंक्विलाइजर डार्ट के सफल उपयोग से एक बड़ी दुर्घटना को टाल लिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर निगम से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे शहरी क्षेत्रों में आवारा मवेशियों और सांडों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाएं, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की जान को इस प्रकार का खतरा न झेलना पड़े।