Wed, 07 Oct 202612:27 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:27 PM IST
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मुरैना के माधोगढ़ गांव में डेंगू और वायरल फीवर का भयानक प्रकोप: दो महिलाओं की मौत, 150 से अधिक लोग बीमार, मरीजों को ग्वालियर किया रेफर

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मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। जिले के कैलारस ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले माधोगढ़ गांव में डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से फैल गया है। इस भयावह स्थिति ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वायरल फीवर और डेंगू के प्रकोप के कारण अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि गांव में लगभग 150 लोग बीमार पड़े हुए हैं। हालात इतने चिंताजनक हो गए हैं कि गांव के लगभग हर घर में लोग बीमार हैं और घर-घर बिस्तर लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में पहुंचकर 70 लोगों के डेंगू के सैंपल लिए हैं, जिनमें से 4 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर के अस्पतालों में रेफर किया गया है।

माधोगढ़ गांव में पिछले कुछ दिनों से बुखार और डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी, लेकिन स्थिति तब विकराल रूप ले गई जब गांव में एक के बाद एक कई लोग तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत करने लगे। गांव के लगभग हर घर में कोई न कोई सदस्य बीमार पड़ा हुआ है। घर-घर में बिस्तर लगे होने के कारण ग्रामीणों का सामान्य जीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। खेतों में काम करने वाले किसान और अन्य मजदूर भी बीमारी की चपेट में आ गए हैं, जिससे गांव की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

इस प्रकोप में सबसे दुखद बात यह है कि वायरल फीवर और डेंगू के कारण गांव की दो महिलाओं ने अपनी जान गंवा दी है। इन महिलाओं की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक और भय का माहौल व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआती दौर में बुखार को सामान्य समझा गया था, लेकिन जब दवाइयों से आराम नहीं मिला और मरीजों की हालत बिगड़ने लगी, तब लोगों को इस बीमारी की गंभीरता का अहसास हुआ। दो मौतों के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और टीमों को गांव में भेजा गया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, माधोगढ़ गांव में बीमारी के प्रसार को रोकने और मरीजों की पहचान करने के लिए विशेष मेडिकल टीमें भेजी गई हैं। इन टीमों ने गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया और बुखार तथा अन्य लक्षणों से पीड़ित लोगों की जांच की। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने 70 संदिग्ध मरीजों के डेंगू के सैंपल लिए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इन 70 सैंपलों में से 4 सैंपल डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। हालांकि, 150 से अधिक लोगों के बीमार होने को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति को अत्यंत गंभीर माना है और बाकी सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

गांव में स्थानीय स्तर पर उपचार की सीमित सुविधाओं को देखते हुए, जिन मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है या जिन्हें तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता है, उन्हें मुरैना से ग्वालियर के उच्च चिकित्सा केंद्रों और अस्पतालों में रेफर किया गया है। ग्वालियर के अस्पतालों में इन मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि गंभीर मरीजों को समय पर रेफर करने से उनकी जान बचाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही, गांव में एक अस्थायी स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया है, जहां हल्के और मध्यम लक्षणों वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां दी जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें केवल इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांव में डेंगू और वायरल फीवर के प्रसार को रोकने के लिए रोकथाम के उपाय भी कर रही हैं। टीमों द्वारा गांव में फॉगिंग (धुआं) कराई जा रही है ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। इसके अलावा, ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, अपने आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली क्रीम के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी जांच कराएं।

मुरैना जिले के कैलारस ब्लॉक के माधोगढ़ गांव में आई इस स्वास्थ्य आपातकालीन स्थिति ने जिला प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है। मानसून के बाद के मौसम में डेंगू और वायरल फीवर के मामले बढ़ना आम बात है, लेकिन एक ही गांव में 150 से अधिक लोगों का एक साथ बीमार पड़ना और दो महिलाओं की मौत हो जाना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी और पूर्व तैयारियों में कमी रही होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में डॉक्टरों की एक स्थायी टीम तैनात की जाए और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी और की जान न जाए।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ और दवाइयां भेजी जाएंगी। 4 पॉजिटिव केस मिलने के बाद अब उन मरीजों के संपर्क में आए अन्य लोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग ने आसपास के अन्य गांवों में भी सतर्कता बरतने और बुखार के मामलों की तत्काल सूचना देने के निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल, माधोगढ़ गांव में डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप नियंत्रण से बाहर न जाए, इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं।