Wed, 07 Oct 202612:29 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:29 PM IST
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मुजफ्फरपुर: मंदिर में 80 वर्षीय महंत महावीर दास की संदिग्ध मौत, अंदर से बंद कमरे के फर्श पर मिला शव, मुंह से निकल रहा था झाग

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक सनसनीखेज और बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक मंदिर के महंत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक महंत की पहचान 80 वर्षीय महावीर दास के रूप में हुई है। उनका शव बालूघाट रोड स्थित मंदिर परिसर के अंदर फर्श पर पड़ा हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मंदिर परिसर के आसपास जमा हो गई। इस पूरे मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो महंत की मौत को संदिग्ध बनाते हैं और पुलिस के लिए जांच की चुनौती बढ़ा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह जब मंदिर परिसर में लोग पहुंचे तो उन्हें महंत महावीर दास का शव कमरे के फर्श पर पड़ा दिखाई दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस कमरे में महंत का शव मिला, उसका दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण शुरुआत में लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब किसी तरह दरवाजा खोला गया या तोड़ा गया, तब अंदर का नजारा देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति सहम गया। 80 वर्षीय बुजुर्ग महंत महावीर दास निष्प्राव अवस्था में जमीन पर गिरे हुए थे।

शव मिलने के समय की जो स्थिति बताई जा रही है, वह बेहद रहस्यमयी है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, महंत महावीर दास के मुंह से झाग निकल रहा था। मुंह से झाग निकलना सामान्यतः प्राकृतिक मौत का संकेत नहीं माना जाता है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों को आशंका है कि महंत को कोई जहरीला पदार्थ दे दिया गया होगा, जबकि कुछ अन्य लोग बीमारी या किसी अन्य कारण से हुई असामयिक मौत की आशंका भी जता रहे हैं। हालांकि, मौत का सही कारण क्या है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है और इसकी पुष्टि केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

घटना की सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मंदिर परिसर को अपने कब्जे में ले लिया और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद होने की वजह से यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। अगर दरवाजा अंदर से बंद था, तो बाहर से कोई व्यक्ति कमरे में कैसे आया? और अगर कोई अंदर नहीं आया, तो फिर मुंह से झाग क्यों निकल रहा था? ये सभी सवाल पुलिस के सामने खड़े हैं। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है। फॉरेंसिक टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है, ताकि कमरे के अंदर की स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।

महंत महावीर दास पिछले लंबे समय से बालूघाट रोड स्थित इस मंदिर परिसर में रहकर धार्मिक कार्यों की देखरेख कर रहे थे। 80 वर्ष की उम्र होने के कारण वे काफी बुजुर्ग हो चले थे, लेकिन मंदिर की दिनचर्या और पूजा-पाठ का काम वे नियमित रूप से करते थे। उनके अचानक इस तरह संदिग्ध हालत में मिले शव ने मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय भक्तों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जो लोग रोजाना सुबह मंदिर में दर्शन के लिए आते थे, वे आज महंत को इस हालत में देखकर स्तब्ध रह गए।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। सिकंदरपुर थाना पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने मंदिर परिसर में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों, सेवादारों और आसपास के स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि मंगलवार रात महंत किस हालत में थे, उन्होंने आखिरी बार किससे बात की थी और रात के समय मंदिर परिसर में कोई अनजान व्यक्ति तो नहीं आया था।

मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आम तौर पर मंदिरों में महंत या पुजारी अकेले ही रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। बुजुर्ग महंत की इस संदिग्ध मौत के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और पूरी घटना की निष्पक्ष तथा पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल, पूरा मामला जांच के दायरे में है। महंत महावीर दास की मौत हत्या है, आत्महत्या है, या किसी बीमारी के कारण हुई प्राकृतिक मौत है, यह स्पष्ट होने में अभी कुछ समय लगेगा। मुंह से झाग निकलना और दरवाजे का अंदर से बंद होना—ये दोनों तथ्य पुलिस की जांच की दिशा तय करेंगे। जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के परिणाम सामने आएंगे, इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठ सकेगा। तब तक मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस की निगरानी बनाए रखी गई है।