एशियन गेम्स 2026 में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतकर विवेक सागर आज लौटेंगे अपने गांव, नर्मदापुरम में जश्न की तैयारियां

वन्दे भारत न्यूज़ डेस्क। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाले विजेता टीम के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विवेक सागर बुधवार शाम तक अपने गृह ग्राम नर्मदापुरम जिले के चांदोन गांव लौटेंगे। भोपाल में प्रदेश के खेल मंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात करने के बाद वे अपने गांव की ओर रवाना हुए हैं। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर पहली बार घर लौटने की खुशी में उनका पूरा परिवार और चांदोन गांव उत्साहित है। गांव में उनके स्वागत की व्यापक तैयारियां की गई हैं।
बुधवार को भोपाल में विवेक सागर ने प्रदेश के खेल मंत्री और डीजीपी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान अधिकारियों ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीम की जीत और स्वर्ण पदक हासिल करने पर उन्हें बधाई दी। विवेक सागर मध्य प्रदेश पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी यह नियुक्ति पहले ही हो चुकी थी, जब उन्होंने ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने पर राज्य सरकार ने उन्हें डीएसपी के पद पर नियुक्त कर सम्मानित किया था। अब एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनकी उपलब्धि और भी बड़ी हो गई है।
भोपाल में उच्च अधिकारियों से मुलाकात पूरी करने के बाद विवेक सागर सीधे अपने गृह जिले नर्मदापुरम के लिए रवाना हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे बुधवार शाम तक नर्मदापुरम जिले के ग्राम चांदोन पहुंच जाएंगे। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद यह उनकी पहली घर वापसी है। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्यों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। घर में उनके स्वागत की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। परिवार के लोगों ने बताया कि विवेक के घर आने की सूचना मिलते ही खुशी का माहौल है।
केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे चांदोन गांव में जश्न का माहौल बना हुआ है। गांव के लोग अपने चहेते खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले विवेक सागर के स्वागत के लिए उत्साहित हैं। ग्रामीणों ने उनके आगमन को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक लाना ग्रामीणों के लिए गर्व की बात है। विवेक सागर की इस सफलता ने नर्मदापुरम जिले और विशेषकर चांदोन गांव का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा किया है।
विवेक सागर की खेल यात्रा मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें डीएसपी बनाया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत था कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। अब एशियन गेम्स 2026 में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता को एक बार फिर सिद्ध किया है। भारतीय हॉकी टीम की इस जीत में विवेक सागर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। विजेता टीम के सदस्य के रूप में उन्होंने मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
खेल मंत्री और डीजीपी से मुलाकात के दौरान विवेक सागर ने अपने अनुभव साझा किए। अधिकारियों ने उनकी उपलब्धि को सराहा और भविष्य के खेल आयोजनों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। पुलिस विभाग में डीएसपी के रूप में उनकी जिम्मेदारियां भी हैं, लेकिन खेल के प्रति उनका समर्पण लगातार जारी है। ओलंपिक और एशियन गेम्स दोनों में पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, और विवेक सागर ने यह दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है।
बुधवार शाम को जब वे चांदोन गांव पहुंचेंगे, तो वहां के ग्रामीण और परिवार के सदस्य उनका भव्य स्वागत करेंगे। नर्मदापुरम जिले के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि जिले का एक लाल एशियन गेम्स का स्वर्ण विजेता बनकर लौट रहा है। विवेक सागर की इस सफलता से क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी हॉकी और अन्य खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलने की संभावना है। उनका गांव लौटना न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे नर्मदापुरम जिले के लिए गौरव का विषय है।

