Wed, 07 Oct 20261:52 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 1:52 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

रीवा: एनसीसी ग्राउंड में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन, पीएम मोदी वर्चुअली जुड़े; डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल रहे मौजूद

WhatsAppFacebookX

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बुधवार को सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। रीवा के एनसीसी ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ दोनों का समावेश था। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, पार्टी कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से इस सभा को संबोधित किया और उपस्थित जनसमुदाय से सीधा संवाद स्थापित किया। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वयं रीवा पहुंचकर इस कार्यक्रम में शिरकत की और भौतिक रूप से उपस्थित रहकर सभा की अध्यक्षता की।

बुधवार को एनसीसी ग्राउंड पर आयोजित यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान 2026 की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जन-जन तक सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी पहुँचाना है। एनसीसी ग्राउंड में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर इस अभियान के प्रति व्यापक जनजागरूकता और उत्साह है। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जनसमुदाय ने प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में आम नागरिकों की भागीदारी और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उनके संबोधन का मुख्य फोकस राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों और जनसेवा की प्रतिबद्धता पर केंद्रित रहा।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से और अधिक महत्व प्रदान किया। डिप्टी सीएम ने मंच से उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान 2026 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने का एक सजीव प्रयास है। राजेंद्र शुक्ल ने रीवा क्षेत्र के विकास कार्यों और यहाँ की जनता की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उनकी उपस्थिति से स्थानीय कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों में भी उत्साह का संचार हुआ।

‘विकसित भारत संकल्प सभा’ का मूल उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करना है। रीवा में आयोजित यह सभा इसी दिशा में एक ठोस कदम है। सेवा ज्योति यात्रा के माध्यम से उन लाभार्थियों को भी चिह्नित करने और सम्मानित करने का प्रयास किया गया है जिन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर में सुधार किया है। कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों लोग इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि विकास की इस यात्रा में रीवा की जनता पूरी तरह से सहभागी है। एनसीसी ग्राउंड पर कार्यक्रम की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित थीं और सुरक्षा तथा यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता और सेवाभाव को भी रेखांकित किया। सेवा ज्योति यात्रा का वैचारिक आधार यही है कि विकास केवल अवसंरचनात्मक नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक भी होना चाहिए। रीवा की इस सभा ने इस विचारधारा को व्यावहारिक रूप दिया। प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन और उपमुख्यमंत्री की भौतिक उपस्थिति के इस मिश्रित स्वरूप ने कार्यक्रम की गरिमा को बनाए रखा। तकनीकी माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री ने जहाँ राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया, वहीं डिप्टी सीएम ने स्थानीय और राज्य स्तरीय संदर्भों को स्पष्ट किया।

रीवा में बुधवार को संपन्न हुई यह विकसित भारत संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा भविष्य में होने वाले类似 कार्यक्रमों के लिए एक मानक स्थापित करती है। सैकड़ों लोगों की स्वस्फूर्त उपस्थिति यह संकेत देती है कि जनता विकास कार्यों और सरकारी पहलों के प्रति सजग है। कार्यक्रम में कोई नई घोषणा या आंकड़े जारी करने की पुष्टि स्रोत सामग्री में नहीं है, अतः इस रिपोर्ट का आधार केवल कार्यक्रम का आयोजन, उसमें शामिल प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति और अभियान का घोषित उद्देश्य है। रीवा प्रशासन और स्थानीय संगठनों के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान 2026 की सफलता का एक महत्वपूर्ण सूचक है। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की सभाओं और यात्राओं के आयोजन की संभावना है, जिससे विकसित भारत के निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक गति मिल सके।