Wed, 07 Oct 20266:35 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 6:35 PM IST
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नवादा में SIR के विरोध में RJD का तीखा प्रदर्शन, PM मोदी और अमित शाह का पुतला फूंका; पार्टी कार्यालय से जुलूस निकालकर धरना स्थल पर जताया रोष

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बिहार के नवादा जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को व्यापक और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह प्रदर्शन विशेष रूप से मतदाता सूची में किए जा रहे संशोधन और SIR अभियान के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित किया गया था, जिसे राजद ने पक्षपातपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत करार दिया है। नवादा शहर में हुए इस प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है और विपक्षी दलों द्वारा चुनावी तैयारियों के बीच उठाए जा रहे मुद्दों को रेखांकित किया है।

प्रदर्शन की शुरुआत नवादा स्थित राष्ट्रीय जनता दल के जिला कार्यालय से हुई। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता और नेता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद वे एक सुव्यवस्थित जुलूस की शक्ल में शहर की मुख्य सड़कों पर निकले। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ‘SIR वापस लो’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’ जैसे नारों से शहर का वातावरण गूंजता रहा। जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि SIR के नाम पर जानबूझकर उनके समर्थकों और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं, जिसका वे पुरजोर विरोध करते हैं।

जुलूस नगर थाना क्षेत्र स्थित निर्धारित धरना स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुआ, जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। इसी स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला भी फूंका गया। पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्तेजना देखी गई और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी रही। राजद नेताओं ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि बिहार में सत्ता पक्ष के इशारे पर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका तर्क है कि विशेष सघन समीक्षा कार्यक्रम का उपयोग राजनीतिक प्रतिशोध लेने और विपक्षी वोट बैंक को कमजोर करने के हथियार के रूप में किया जा रहा है, जो भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

राष्ट्रीय जनता दल के स्थानीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची में हो रही कथित अनियमितताओं को तत्काल प्रभाव से रोका नहीं गया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी। राजद कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि SIR अभियान को तुरंत स्थगित किया जाए और सभी राजनीतिक दलों की उपस्थिति में मतदाता सूची का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और इसमें सुधार की तत्काल आवश्यकता है।

नवादा में हुए इस विरोध प्रदर्शन का संदर्भ बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति से गहराई से जुड़ा है। राज्य में मतदाता सूची का विशेष सघन समीक्षा अभियान चल रहा है, जिसके तहत लाखों फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, विपक्षी दल, विशेषकर राष्ट्रीय जनता दल, इसे लगातार चुनौती दे रहे हैं। राजद का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं, खासकर महिलाओं और पिछड़े वर्गों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए जा रहे हैं। नवादा का आज का प्रदर्शन इसी असंतोष की एक कड़ी है और यह दर्शाता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए नगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहे। जुलूस के मार्ग और धरना स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। पुलिस ने सुनिश्चित किया कि प्रदर्शनकारी निर्धारित सीमा और शांतिपूर्ण दायरे में रहें। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्वक तितर-बितर हो गए। प्रशासन ने बताया कि उन्हें पूर्व में ही प्रदर्शन की सूचना मिल गई थी, जिसके आधार पर सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। नवादा में राजद का यह विरोध प्रदर्शन बिहार भर में चल रहे SIR विवाद का एक महत्वपूर्ण स्थानीय प्रतिबिंब है, जो आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और तीव्रता ला सकता है।