Wed, 07 Oct 20266:34 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 6:34 PM IST
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शेखपुरा में इंडिया गठबंधन का उग्र प्रदर्शन: सभी प्रखंडों में निकला विरोध मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, पीएम मोदी और अमित शाह का पुतला दहन

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शेखपुरा। बिहार के शेखपुरा जिले में बुधवार को राजनीतिक तापमान उस समय चरम पर पहुंच गया, जब इंडिया गठबंधन के आह्वान पर पूरे जिले में एक साथ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस व्यापक विरोध मार्च के दौरान गठबंधन के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका, बल्कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से उनके पद से तत्काल इस्तीफा देने की भी जोरदार मांग की। यह पूरा प्रदर्शन ‘वोट चोरी’ के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

इंडिया गठबंधन द्वारा दिए गए आह्वान के अनुपालन में बुधवार को शेखपुरा जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ रोषपूर्ण जुलूस निकाले गए। जिले के हर एक प्रखंड मुख्यालय पर गठबंधन के समर्थकों, विभिन्न घटक दलों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भारी संख्या में एकत्र होकर विरोध मार्च का नेतृत्व किया। जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव कराने और वोट चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लिखे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

प्रदर्शन का सबसे प्रमुख हिस्सा पुतला दहन का कार्यक्रम रहा। शेखपुरा जिले के सभी प्रखंडों में इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले बनाए और उन्हें आग के हवाले कर दिया। पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और चुनावी प्रक्रिया में धांधली को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतले जलाकर गठबंधन ने केंद्र सरकार की नीतियों और उसके कार्यकाल के प्रति अपना गहरा असंतोष व्यक्त किया। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर उन्होंने स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि वे चुनाव आयोग की वर्तमान कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं।

इस विरोध मार्च और पुतला दहन के पीछे इंडिया गठबंधन की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही है और इसके शीर्ष अधिकारी पर राजनीतिक दबाव में काम करने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। गठबंधन ने ‘वोट चोरी’ का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और मतदान प्रक्रिया के दौरान हुई अनियमितताओं के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। उनका तर्क है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति बदले नहीं जाते, तब तक देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की गारंटी नहीं दी जा सकती। इसलिए उन्होंने ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से त्यागपत्र देने की मांग को प्रदर्शन का केंद्रीय मुद्दा बनाया।

शेखपुरा जिले के सभी प्रखंडों में एक ही दिन, बुधवार को इस तरह का समन्वित और व्यापक प्रदर्शन करना इंडिया गठबंधन की संगठनात्मक क्षमता और जमीनी स्तर पर उसकी सक्रियता को दर्शाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने इस आह्वान पर तेजी से प्रतिक्रिया दी। विरोध मार्च के दौरान जुलूस प्रखंड मुख्यालयों के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे, जिससे आम जनता का ध्यान भी उनकी मांगों की ओर आकर्षित हुआ। गठबंधन के स्थानीय नेताओं ने जुलूस को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है। यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा इस्तीफा नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।

बुधवार को हुए इस प्रदर्शन ने शेखपुरा जिले में राजनीतिक सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं। हालांकि, इस विरोध मार्च और पुतला दहन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या झड़प की कोई खबर सामने नहीं आई है। गठबंधन के नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की थी, जिसका पालन किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी थी ताकि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो। सभी प्रखंडों में पुतला दहन का कार्यक्रम नियंत्रित माहौल में संपन्न कराया गया।

इंडिया गठबंधन का यह विरोध मार्च राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों की ही एक कड़ी है। शेखपुरा जिले में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि विपक्षी गठबंधन आगामी चुनावी चुनौतियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब देखना यह होगा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोट चोरी के आरोपों को लेकर गठबंधन की इस मांग पर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।