शाजापुर: घर के आंगन में खेल रही 6 साल की बच्ची पर सियार ने किया हमला, नाक और गले पर आई चोटें, जिला अस्पताल में भर्ती

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है। जिले के ग्राम बिरगोद में अपने घर के बाहर आंगन में खेल रही महज 6 वर्षीय एक मासूम बच्ची पर एक जंगली सियार ने अचानक हमला कर दिया। इस खौफनाक हमले में बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं। सियार ने बच्ची के नाक और गले के हिस्से पर काटकर उसे लहूलुहान कर दिया। बच्ची की दर्दनाक चीख-पुकार सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह सियार को वहां से भगाया। इसके बाद घायल अवस्था में बच्ची को आनन-फानन में इलाज के लिए शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कराकर चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शाजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिरगोद की है। गांव में दिन के समय 6 साल की एक बच्ची अपने घर के बाहर स्थित आंगन में खेल रही थी। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। अचानक कहीं से एक सियार वहां आ धमका और बिना किसी पूर्व चेतावनी के खेल रही मासूम बच्ची पर झपट्टा मार दिया। सियार ने बच्ची पर इतनी तेजी से और क्रूरतापूर्वक हमला किया कि बच्ची खुद को बचा भी नहीं पाई। सियार ने बच्ची के शरीर के संवेदनशील हिस्सों, विशेष रूप से उसके नाक और गले पर अपने पंजों और दांतों से वार किया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई।
सियार के इस अचानक और जानलेवा हमले से बच्ची सहम गई और जोर-जोर से रोते हुए चीखने-पुकारने लगी। बच्ची की दर्दभरी चीख-पुकार की आवाज सुनकर घर के अंदर मौजूद परिजन और आसपास के लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। लोगों को अपनी ओर आता देख सियार ने बच्ची को छोड़ दिया और वहां से भाग निकला। परिजनों ने देखा कि बच्ची खून से लथपथ है और उसके नाक तथा गले पर सियार के हमले के गहरे निशान बने हुए हैं। बच्ची की हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए।
बच्ची को इस गंभीर और घायल अवस्था में देखते हुए परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उसे तत्काल इलाज के लिए शाजापुर जिला अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। आनन-फानन में बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मौजूद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति का जायजा लिया। डॉक्टरों ने बच्ची के नाक और गले पर आई चोटों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। फिलहाल बच्ची का इलाज शाजापुर जिला अस्पताल में जारी है और चिकित्सक उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार जंगली जानवरों या सियार द्वारा छोटे बच्चों पर हमला करने की घटनाएं आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। बिरगोद गांव में हुई इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत और भय का माहौल व्याप्त है। अभिभावकों में अपने छोटे बच्चों को लेकर खासी चिंता देखी जा रही है। गांव के लोग अब अपने बच्चों को घर के बाहर या आंगन में अकेले खेलने देने से डर रहे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे समय रहते मौके पर नहीं पहुंचते, तो सियार बच्ची को और अधिक गंभीर रूप से घायल कर सकता था।
इस घटना ने प्रशासन और वन विभाग के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों और सियारों का रिहायशी इलाकों तक आना एक बढ़ती हुई समस्या के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। फिलहाल, घायल बच्ची का शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम निगरानी बनाए हुए है।

