Thu, 08 Oct 20268:40 AM
Thu, Oct 8, 2026Updated 8:40 AM IST
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BRABU मुजफ्फरपुर: हॉस्टल आवंटन पर बनी सहमति, 8वें दिन छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म; अधिकारियों ने पिलाया जूस

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मुजफ्फरपुर। वंदे भारत न्यूज़। बाबा राघवदास बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) मुजफ्फरपुर और लंगट सिंह कॉलेज में छात्र अधिकारों तथा हॉस्टल आवंटन समेत 10 सूत्री मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन और अधिकारियों की ओर से हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने तथा अन्य मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। आठवें दिन भूख हड़ताल समाप्त होने पर विश्वविद्यालय अधिकारियों ने स्वयं छात्रों को जूस पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया।

बता दें कि BRABU मुजफ्फरपुर और इसके अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित लंगट सिंह कॉलेज के छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत थे। छात्रों ने हॉस्टल आवंटन और छात्र अधिकारों से जुड़े कुल 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। यह भूख हड़ताल पिछले आठ दिनों से जारी थी, जिसके कारण विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा था। छात्रों का स्पष्ट कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। आठ दिनों तक चले इस कठिन संघर्ष के दौरान छात्रों ने बिना अन्न-जल ग्रहण किए अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी।

बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और अधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधियों की वार्ता हुई। इस वार्ता के दौरान हॉस्टल आवंटन को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। अधिकारियों ने छात्रों को लिखित रूप में आश्वासन दिया कि हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा, छात्रों द्वारा उठाई गई अन्य मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का वादा किया गया। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही छात्रों ने अपनी आठ दिन पुरानी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करने का निर्णय लिया।

भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद एक औपचारिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने हड़ताली छात्रों को जूस पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया। लगातार आठ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने यह कदम उठाया। इस घटनाक्रम ने आंदोलन का शांतिपूर्ण और सकारात्मक समाधान सुनिश्चित किया।

छात्रों की 10 सूत्री मांगों में हॉस्टल आवंटन सबसे प्रमुख मुद्दा था। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के लिए आवासीय सुविधाओं का होना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन लंबे समय से हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया में देरी या रुकावट के कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अतिरिक्त, छात्र अधिकारों से जुड़े अन्य मुद्दे भी इन 10 सूत्री मांगों में शामिल थे, जिन्हें लेकर छात्र वर्ग में काफी असंतोष व्याप्त था। अब प्रशासन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इन समस्याओं का क्रमानुसार समाधान निकाला जाएगा।

BRABU मुजफ्फरपुर और लंगट सिंह कॉलेज में छात्रों का यह आंदोलन पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ था। आठ दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल ने जहां एक ओर छात्रों की प्रतिबद्धता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता को दर्शाया, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भी यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति थी। अंततः संवाद और वार्ता के माध्यम से ही इस गतिरोध का समाधान निकल सका।

अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों का जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से और कितनी प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होता है। हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया कब से शुरू होती है और अन्य मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की क्या समयसीमा तय की जाती है, इस पर छात्रों और अभिभावकों की निगाहें टिकी रहेंगी। छात्र संगठनों का मानना है कि यदि प्रशासन अपने लिखित वादों के अनुसार कार्य करता है, तो विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा और छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में सुविधा मिलेगी। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल आंदोलन समाप्त होने के बाद कैंपस में शांति का माहौल है और छात्रों ने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए अपनी पढ़ाई की ओर लौटने की बात कही है।