Akashdeep and Mukesh Kumar reached Gorakhpur | आकाशदीप बोले- इंग्लैंड में 10 विकेट लेना यादगार पल: क्रिकेटर मुकेश के साथ गोरखनाथ मंदिर में किए दर्शन; गायों को चारा खिलाया – Gorakhpur News

8 Min Read

[ad_1]

क्रिकेटर को कभी हार नहीं माननी चाहिए। अगर वह लगातार मेहनत करता रहे तो एक न एक दिन उसका सपना जरूर पूरा होता है।

.

यह बात भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में 13 विकेट लेने वाले क्रिकेटर आकाशदीप ने कही। वे शुक्रवार को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे। उनके साथ क्रिकेटर मुकेश कुमार भी थे। दोनों ने बाबा गोरखनाथ के दर्शन किए।

मंदिर परिसर की गोशाला में गायों को चारा खिलाया। आकाशदीप और मुकेश ने कहा- गौ सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। गायों को चारा खिलाकर आत्मिक शांति की अनुभूति हुई।

गोरखनाथ मंदिर के अंदर गोशाला में गाय को क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार ने चारा खिलाया।

गोरखनाथ मंदिर के अंदर गोशाला में गाय को क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार ने चारा खिलाया।

आकाशदीप बोले- IPL से युवा खिलाड़ियों को नया मंच मिला क्रिकेटर आकाशदीप ने कहा- IPL एक ऐसा मंच है जहां देश भर के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। कई नए खिलाड़ी उभर कर आ रहे हैं और देश के लिए खेल रहे हैं।

क्रिकेटर मुकेश बोले- मैं अपनी गेंदबाजी पर लगातार मेहनत कर रहा हूं

एक मैच के दौरान विकेट लेने के बाद खुशी जाहिर करते मुकेश कुमार।

एक मैच के दौरान विकेट लेने के बाद खुशी जाहिर करते मुकेश कुमार।

भारतीय टीम के पेश बॉलर मुकेश कुमार ने कहा- वह अपनी गेंदबाजी पर लगातार मेहनत कर रहे हैं। लेकिन टीम में चयन का फैसला बीसीसीआई की चयन समिति करती है, इसलिए वह सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं।

बता दें मुकेश कुमार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 20 सीरीज में भारतीय टीम में शामिल थे। दो मैचों में एक विकेट लिया था। लेकिन डेथ ओवरों में उन्होंने कुछ पिन-पॉइंट यॉर्कर डालकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। मुकेश कुमार भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर चुके हैं।

मुकेश कुमार ने कहा -वह बिहार के गोपालगंज जिले के छोटे से गांव काकड़कुंड से आते हैं। वहीं से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। कहा- गांव से निकलकर भारतीय टीम तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन लगातार मेहनत और आत्मविश्वास से यह संभव हुआ। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी मेहनत करता है, वह एक दिन जरूर टीम इंडिया तक पहुंच सकता है।

आकाशदीप ने 10 विकेट लेकर रचा इतिहास…

इंग्लैड में 10 विकेट लेने पर खुशी मनाते आकाश दीप।

इंग्लैड में 10 विकेट लेने पर खुशी मनाते आकाश दीप।

आकाशदीप ने इंग्लैंड में 187 रन देकर 10 विकेट लिए। रविवार यानी 3 अगस्त को दूसरे टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन इंग्लैंड को 336 रन से हराकर एजबेस्टन में 58 साल पुराने मिथक को तोड़ते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की। आकाशदीप की धारदार इन-कटर के सामने जो रूट, बेन डकेट, ओली पोप और हैरी ब्रुक जैसे खिलाड़ी भी चकमा खा गए।

बता दें कि, आकाशदीप ने फरवरी 2024 में इंग्लैंड खिलाफ ही डेब्यू किया था। 23 फरवरी को रांची में खेले गए चौथे टेस्ट की पहली पारी के पहले ही सेशन में 3 टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को आउट किया था।

10 विकेट लेने का आकाशदीप ने टीम इंडिया के साथ जश्न मनाया।

10 विकेट लेने का आकाशदीप ने टीम इंडिया के साथ जश्न मनाया।

इस तरह से आकाशदीप ने मैच में बनाई जगह

आकाशदीप को पहले मैच में प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला था, लेकिन बुमराह की गैरहाजिरी में उन्होंने दोनों पारियों में बेहतरीन गेंदबाजी की। पहली पारी में आकाशदीप ने 88 रन देकर 4 विकेट लिए। वहीं, दूसरी पारी में इन्होंने 99 रन देकर 6 विकेट लिए। आकाशदीप ने अपनी सीम मूवमेंट से पूरे मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान रखा। नई गेंद से उन्होंने दोनों पारियों में भारतीय टीम को ब्रेक-थ्रू दिलाए।

बिहार के सासाराम से टीम इंडिया तक का सफर

आकाशदीप का जन्म 15 दिसंबर 1996 को बिहार के देहरी, सासाराम में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही क्रिकेट को अपना सपना बनाया, लेकिन इस राह में उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा। जब बिहार क्रिकेट एसोसिएशन निलंबित था, तब उनके पास कोई मंच नहीं था। पड़ोसियों तक ने अपने बच्चों को आकाश से दूर रहने की सलाह दी थी, ताकि उनके बच्चे पढ़ाई छोड़ क्रिकेट की राह पर न चले जाएं।

गांव वाले घर में मौजूद आकाशदीप की सारी शील्ड, कप और ट्रॉफी।

गांव वाले घर में मौजूद आकाशदीप की सारी शील्ड, कप और ट्रॉफी।

पिता चाहते थे, बेटा सरकारी नौकरी करे

आकाशदीप के पिता स्व. रामजी सिंह शारीरिक शिक्षक थे, जबकि माता लड्डूमा देवी गृहिणी हैं। उनका परिवार गांव में खेती-बाड़ी करता है। उनके पिता रामजी सिंह चाहते थे कि बेटा सरकारी नौकरी करे। उन्होंने आकाश को चपरासी या कॉन्स्टेबल बनने की सलाह दी थी। लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। आकाश अक्सर छिप-छिपकर क्रिकेट खेला करते थे।

साल 2015 में लकवा मारने के कारण पिता और बड़े भाई की 6 महीने के अंदर मौत के बाद आकाश परिवार के कमाने वाले एकमात्र सदस्य बचे। आकाश इन कठिन परिस्थितियों में 3 साल तक क्रिकेट से दूर रहे थे। लेकिन बाद में घर चलाने के लिए उन्होंने क्रिकेट की ही मदद ली थी।

बंगाल में घर चलाने के लिए क्रिकेट को बनाया पेशा

शुरुआत में आकाश अपनी बहन के साथ दिल्ली चले गए थे। यहां से उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की। फिर बंगाल में क्लब क्रिकेट खेला। बाद में घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व भी किया।

घर खर्च के लिए देते थे 25 हजार

घर का खर्च चलाने के लिए आकाशदीप अपने एक दोस्त की मदद से दुर्गापुर में एक क्रिकेट क्लब से जुड़े। वहीं, टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर उन्होंने हर दिन 800 रुपए तक कमाए और महीने के करीब 25 हजार रुपए परिवार को भेजते थे। बाद में वे कोलकाता चले आए और CAB लीग में यूनाइटेड क्लब से खेले।

उनकी लंबाई और गेंदबाजी की धार को देखकर कोच ने उन्हें तेज गेंदबाज बनने के लिए प्रेरित किया। आकाशदीप को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर बैन की वजह से बंगाल जाना पड़ा था।

————————-

ये खबर भी पढ़िए…

यूपी में क्रिकेटर यश दयाल पर रेप की FIR : युवती बोली- शादी का झूठा वादा कर यौन शोषण किया

IPL चैंपियन RCB के तेज गेंदबाज यश दयाल पर सोमवार की देर शाम रेप की FIR दर्ज हो गई। गाजियाबाद की युवती ने उन पर शादी का वादा कर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पीड़ित ने 21 जून को सीएम योगी से शिकायत की थी। गाजियाबाद पुलिस ने एक हफ्ते पहले युवती के बयान दर्ज किए। हालांकि क्रिकेटर यश दयाल ने अभी तक अपना बयान नहीं रिकॉर्ड कराया है। (पूरी खबर पढ़िए)

[ad_2]

Source link

Leave a Comment