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Mon, Oct 12, 2026Updated 11:49 AM IST
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34वें भोपाल उत्सव मेले का टीटी नगर दशहरा मैदान में भूमि-पूजन संपन्न, 500 से 600 स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी शुरू

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 34वें भोपाल उत्सव मेले की तैयारियों का औपचारिक रूप से आगाज हो गया है। शहर के टीटी नगर इलाके में स्थित ऐतिहासिक दशहरा मैदान में रविवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मेले के लिए भूमि-पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस धार्मिक और पारंपरिक अनुष्ठान के साथ ही शहर के सबसे बड़े वार्षिक आयोजनों में शुमार भोपाल उत्सव मेले की जमीनी तैयारियों को गति मिल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष का मेला अपने पिछले सभी संस्करणों की तरह भव्य और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

टीटी नगर के दशहरा मैदान में रविवार को आयोजित भूमि-पूजन समारोह में वैदिक विद्वानों द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। पारंपरिक मंत्रोच्चार के बीच मेले की सफलता, शांतिपूर्ण आयोजन और आम जनता के सुख-समृद्धि की कामना की गई। भूमि-पूजन का यह कार्यक्रम 34वें भोपाल उत्सव मेले की शुरुआत का पहला औपचारिक कदम माना जाता है। इसके बाद अब मैदान में बुनियादी ढांचे के निर्माण, अस्थायी संरचनाओं की स्थापना और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि मेले की तैयारियां एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी, ताकि निर्धारित तिथि पर मेले का उद्घाटन किया जा सके और आम नागरिकों के लिए इसे खोला जा सके।

इस वर्ष के 34वें भोपाल उत्सव मेले को लेकर आयोजकों की योजनाएं काफी विस्तृत हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मेला परिसर में 500 से लेकर 600 तक स्टॉल लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। इन स्टॉलों में हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, परिधान, आभूषण, सजावटी सामग्री और अन्य विभिन्न प्रकार के उत्पाद प्रदर्शित और विक्रय के लिए रखे जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में स्टॉल लगने से न केवल स्थानीय कारोबारियों, छोटे उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपना व्यापार बढ़ाने का एक बड़ा मंच मिलेगा, बल्कि आने वाले दर्शकों को भी एक ही छत के नीचे खरीदारी का बेहतरीन अनुभव प्राप्त होगा। आयोजकों का मानना है कि 500 से 600 स्टॉलों की यह व्यवस्था मेले को पहले से कहीं अधिक जीवंत और आकर्षक बनाएगी।

भोपाल उत्सव मेले का एक प्रमुख आकर्षण हमेशा से इसके रोमांचक झूले रहे हैं और इस बार भी इस परंपरा को बरकरार रखा जाएगा। मेले में बच्चों, युवाओं और वयस्कों के मनोरंजन के लिए कई तरह के आधुनिक और रोमांचक झूले स्थापित किए जाएंगे। जायंट व्हील, मौत के कुएं जैसे पारंपरिक खेल और अन्य मनोरंजक राइड्स मेले की रौनक को कई गुना बढ़ा देंगे। परिवार के साथ मेले में आने वाले लोगों के लिए ये झूले विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं, जिससे मेले का माहौल उत्साह और खुशी से भर जाता है। सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए इन झूलों को संचालित करने की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और सभी दर्शक सुरक्षित रूप से मनोरंजन का आनंद ले सकें।

मेले में आने वाले दर्शकों की भूख मिटाने और स्वाद का अनुभव कराने के लिए एक विशाल और व्यवस्थित फूड जोन भी स्थापित किया जाएगा। इस फूड जोन में स्थानीय भोपाली व्यंजनों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड और पारंपरिक पकवान उपलब्ध कराए जाएंगे। चाट, मिठाइयां, बेकरी आइटम्स और पेय पदार्थों के अलग-अलग काउंटर लगाए जाएंगे। स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए फूड जोन को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि लोगों को बैठने और खाने में कोई असुविधा न हो। खान-पान का यह क्षेत्र मेले का एक अभिन्न अंग होता है, जो दर्शकों को लंबे समय तक मेला परिसर में रुकने और आनंद लेने के लिए प्रेरित करता है।

भोपाल उत्सव मेले की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत बनाने के लिए इस बार भी भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मेले के दौरान हर शाम मुख्य मंच पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन होंगे, जिनमें लोक नृत्य, संगीत संध्या, नाटक और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकारों को भी आमंत्रित करने की तैयारी चल रही है। ये सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल दर्शकों का मनोरंजन करेंगे, बल्कि मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक परंपराओं को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करने का भी कार्य करेंगे।

34वें भोपाल उत्सव मेले का भूमि-पूजन संपन्न होने के बाद अब आयोजन समिति और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं। टीटी नगर दशहरा मैदान में बिजली, पानी, स्वच्छता, पार्किंग और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर एक विस्तृत योजना तैयार की जा रही है, ताकि मेले के दौरान आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति न बने। कुल मिलाकर, 500 से 600 स्टॉल, रोमांचक झूले, विस्तृत फूड जोन और आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ 34वां भोपाल उत्सव मेला राजधानी भोपाल के नागरिकों के लिए एक बार फिर मनोरंजन, खरीदारी और सांस्कृतिक उल्लास का एक बड़ा केंद्र बनने के लिए पूरी तरह से तैयार किया जा रहा है।