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इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम: 20-25 हजार युवा जुटे, शिक्षा-रोजगार और पेपर लीक पर होगी चर्चा; 31 शर्तों के साथ मिली अनुमति

इंदौर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ नामक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम आईडीए ग्राउंड पर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर युवाओं से सीधा संवाद […]
इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम: 20-25 हजार युवा जुटे, शिक्षा-रोजगार और पेपर लीक पर होगी चर्चा; 31 शर्तों के साथ मिली अनुमति
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इंदौर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ नामक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम आईडीए ग्राउंड पर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर युवाओं से सीधा संवाद किया गया। इंदौर में यह इस श्रृंखला का पहला आयोजन है, जबकि देशभर में यह पांचवां ऐसा कार्यक्रम रहा।

कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए लगभग दो लाख पंजीकरण प्राप्त हुए थे, जबकि मैदान में 20 से 25 हजार युवा भौतिक रूप से उपस्थित रहे। भीड़ इतनी अधिक थी कि आसपास के मार्गों पर यातायात बाधित हो गया और कई रास्ते जाम की स्थिति में आ गए। पुलिस और प्रशासन को यातायात व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने इस आयोजन को युवाओं की आवाज बुलंद करने का मंच बताया। पार्टी प्रवक्ताओं के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला का उद्देश्य युवाओं के उन मुद्दों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के राजनीतिक विमर्श में अक्सर उपेक्षित रह जाते हैं। इनमें प्रमुख हैं— सरकारी भर्तियों में देरी, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं, शिक्षा की बढ़ती लागत, और रोजगार के अवसरों में कमी।

कार्यक्रम की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा 31 शर्तों के साथ प्रदान की गई थी। इन शर्तों में सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन प्रबंध, यातायात नियंत्रण, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, और कोविड प्रोटोकॉल (यदि लागू हो) जैसे तकनीकी पहलू शामिल थे। आयोजकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यक्रम समाप्त करने, मैदान की सफाई सुनिश्चित करने, और किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण से बचने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की।

राहुल गांधी के आगमन को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एसपीजी के अलावा, मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, रैपिड एक्शन फोर्स, और जिला बल के सैकड़ों जवान तैनात रहे। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर लगाए गए थे। मीडिया कवरेज के लिए अलग से मीडिया एनक्लोजर बनाया गया था।

कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मंच पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में युवाओं से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और केंद्र तथा राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि आज का युवा डिग्री लेकर भी बेरोजगार घूम रहा है, जबकि पेपर लीक माफिया व्यवस्था को खोखला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव है और चयन प्रक्रियाएं वर्षों तक लंबित रहती हैं। राहुल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।

कार्यक्रम में शामिल हुए कई छात्रों ने मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा साझा की। एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र ने बताया कि वह पिछले तीन साल से परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने या परीक्षा रद्द होने से उसका भविष्य अधर में लटका है। एक छात्रा ने कहा कि शिक्षा ऋण की ब्याज दरें इतनी अधिक हैं कि मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना दुष्कर हो गया है।

कांग्रेस ने इस आयोजन को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से जोड़कर देखने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह विशुद्ध रूप से छात्र हितों का कार्यक्रम है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा मतदाताओं को साधने की दिशा में यह एक रणनीतिक कदम है। मध्य प्रदेश में युवा आबादी का बड़ा हिस्सा निर्णायक भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम दोपहर बाद संपन्न हुआ। आयोजकों ने दावा किया कि यह आयोजन युवाओं में एक नई चेतना जगाने में सफल रहा। पुलिस ने बताया कि आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया गया।

‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला इससे पहले दिल्ली, जयपुर, भोपाल और रायपुर में आयोजित की जा चुकी है। प्रत्येक कार्यक्रम में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की युवा समस्याओं पर चर्चा की गई है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि यह श्रृंखला देश के अन्य प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में भी जारी रहेगी।

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