Holi 2026 Safety Tips; Synthetic Colors

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3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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आज पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ होली का त्योहार मनाया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक हर जगह रंग-गुलाल और पिचकारियों की धूम मची हुई है। हालांकि रंग खेलते समय थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए रंगों की मस्ती के बीच सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।

दरअसल बाजार में मिलने वाले अधिकांश रंगों में हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो स्किन, आंखों, बालों और रेस्पिरेटरी हेल्थ पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए रंग खेलते समय कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

चलिए, आज जरूरत की खबर में हम होली के सेफ्टी टिप्स जानेंगे। साथ ही समझेंगे कि-

  • बाजार में मिलने वाले रंगों में कौन-कौन से केमिकल्स होते हैं?
  • होली खेलते समय किस तरह की सावधानियां बरतनी जरूरी हैं?

एक्सपर्ट:

डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

डॉ. पद्मा सिंह, रिटायर्ड लेक्चरर, केमिस्ट्री, प्रयागराज

सवाल- सिंथेटिक रंगों में कौन से खतरनाक केमिकल्स हो सकते हैं?

जवाब- बाजार में मिलने वाले कई सिंथेटिक रंगों में कॉपर सल्फेट, एल्युमिनियम ब्रोमाइड, मरकरी सल्फाइड और लेड ऑक्साइड जैसे हानिकारक केमिकल्स हो सकते हैं। इन केमिकल्स का इस्तेमाल सस्ते रंगों को बनाने के लिए किया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- होली पर रंग खेलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- होली पर रंग खेलने से पहले चेहरे, बालों और शरीर पर तेल लगा लें, ताकि बाद में रंग आसानी से छूट जाए। आंख, नाक और मुंह में रंग जाने से बचाएं। भीड़भाड़ या फिसलन वाली जगह पर न खेलें। अगर एलर्जी, अस्थमा या स्किन की समस्या है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें। नीचे दिए ग्राफिक से समझें कि होली पर रंग खेलते समय क्या करें और क्या न करें?

सवाल- होली पर बच्चों का खास ख्याल रखना क्यों जरूरी है?

जवाब- बच्चों की स्किन और आंखें बड़ों की तुलना में ज्यादा नाजुक होती हैं। केमिकल वाले रंगों से उन्हें स्किन एलर्जी हो सकती है। रंग खेलते समय फिसलने या पानी के गुब्बारे से चोट लगने का खतरा भी रहता है। इसलिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-

  • छोटे बच्चों को केमिकल युक्त रंगों से दूर रखें।
  • बड़े बच्चों को सिर्फ हल्के और हर्बल गुलाल से होली खेलने दें।
  • रंग खेलने से पहले उनके बालों और स्किन पर नारियल या सरसों का तेल लगा दें।
  • बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें, आसपास कोई बड़ा जरूर हो।
  • फिसलन वाली जगह या सीढ़ियों के पास खेलने से रोकें।
  • आंख, नाक और मुंह में रंग जाने से बचाएं।
  • भीड़भाड़ वाली जगह पर न भेजें।
  • होली के बाद तुरंत साफ पानी से नहलाएं और मॉइश्चराइजर लगाएं।

सवाल- होली के रंग बालों को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?

जवाब- बाजार में मिलने वाले होली के रंगों में केमिकल, मेटलिक पिगमेंट और आर्टिफिशियल डाई मिलाए जाते हैं। ये बालों की बाहरी लेयर को नुकसान पहुंचाकर उन्हें रूखा और बेजान बनाते हैं।

इससे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं और स्कैल्प में खुजली या जलन भी हो सकती है। पहले से केमिकल ट्रीटमेंट ले रहे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए रंग खेलने से पहले बालों में अच्छे से तेल लगाएं और उन्हें टोपी या रुमाल से कवर करके रखें।

सवाल- केमिकल युक्त रंग हमारी स्किन को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?

जवाब- केमिकल वाले रंग स्किन की ऊपरी लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे खुजली, जलन और रैशेज हो सकते हैं। कुछ लोगों में एलर्जी या इंफेक्शन भी हो सकता है। सेंसिटिव स्किन या पहले से स्किन प्रॉब्लम होने पर समस्या बढ़ सकती है। देर तक रंग लगा रहने से स्किन ड्राई और बेजान हो सकती है।

सवाल- सिंथेटिक रंग हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम को कैसे प्रभावित करते हैं?

जवाब- सिंथेटिक रंगों में मौजूद बारीक कण और केमिकल सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं। इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसेकि-

  • नाक और गले में जलन
  • अस्थमा
  • ब्रोंकाइटिस
  • खांसी
  • सांस फूलने की समस्या

ज्यादा एक्सपोजर से फेफड़ों में सूजन और एलर्जिक रिएक्शन का खतरा भी रहता है।

सवाल- अगर गलती से आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें?

जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत साफ और ठंडे पानी से आंखों को अच्छी तरह धोएं। आंखों को बिल्कुल न मलें। इससे जलन और बढ़ सकती है। अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहने हैं तो उन्हें निकाल दें। जलन, दर्द या धुंधलापन बना रहे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।

सवाल- होली के लिए सुरक्षित रंगों का चुनाव कैसे करें?

जवाब- केमिकल रंगों की जगह ऑर्गेनिक या घर पर बने रंगों का इस्तेमाल करें। साथ ही कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-

  • पैकेट पर सामग्री (इंग्रीडिएंट्स) जरूर पढ़ें।
  • खुले में बिकने वाले रंग न खरीदें।
  • बहुत तेज गंध या चमकदार, चिपचिपे रंग न लें।
  • घर पर बने प्राकृतिक रंग, जैसे फूलों या हल्दी से तैयार रंग ज्यादा सुरक्षित होते हैं।
  • बच्चों और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए खास तौर पर हल्के और स्किन-फ्रेंडली रंग ही चुनें।

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