धनबाद, 24 अक्टूबर 2025:झारखंड में डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड में कथित घोटाले का दायरा बढ़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार बोकारो तक सीमित नहीं है, बल्कि अब धनबाद और कोडरमा में भी डीएमएफटी फंड की लूट चल रही है।
मरांडी ने गंभीर आरोप लगाया कि राज्य में कुछ आईएएस अधिकारी एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण के साथ अपने पुराने दलालों और ठेकेदार साझेदारों को भी साथ ले जाते हैं।
🔹 कोडरमा और धनबाद पर निशाना:मरांडी ने दावा किया कि कोडरमा में डीसी रहते हुए आदित्य रंजन ने स्किल डेवलपमेंट के नाम पर एमईपीएससी (MEPSC) और तितली फाउंडेशन के साथ मिलकर डीएमएफटी फंड की बंदरबांट की। अब वही मॉडल धनबाद में दोहराया जा रहा है।उन्होंने कहा कि “धनबाद में भी डीएमएफटी के नाम पर एमईपीएससी और तितली फाउंडेशन के साथ मिलकर लूट का खेल जारी है। टेंडर की शर्तों में इस तरह हेरफेर किया जा रहा है कि वही कंपनियाँ बार-बार ठेका हासिल कर सकें।”
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग:मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें। उन्होंने कहा —> “कोडरमा में वर्ष 2022–24 के दौरान डीएमएफटी फंड के उपयोग की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, आदित्य रंजन और प्रांजल मोदी के बीच के रिश्तों की भी जांच होनी चाहिए। धनबाद में डीएमएफटी फंड से जुड़े सभी टेंडर प्रक्रियाओं को तत्काल रोका जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डीएमएफटी का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए था, लेकिन मौजूदा सरकार में यह अफसर-ठेकेदार गठजोड़ की कमाई का जरिया बन गया है।मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा राज्यभर में आंदोलन खड़ा करेगी और इस “डीएमएफटी लूटकांड” को जनता के बीच ले जाएगी।
















