Dhurandhar 2 Atiq Ahmad Claims; Pakistan ISI Link Analysis

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इलाहाबाद का चकिया। सफेद कुर्ता, सिर पर साफा पहने, चेहरे पर मुस्कान लिए एक माफिया। फिल्म धुरंधर-2 शुरुआती सीन से ही आपको सीधे यूपी के माफिया और सांसद रहे अतीक अहमद के दौर में ले जाएगी। 15 अप्रैल, 2023 को पुलिस के सुरक्षा घेरे में अतीक और उसके भाई अशरफ

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धुरंधर-2 के किरदार आतिफ अहमद ने अतीक अहमद को फिर से चर्चा में ला दिया है। आतिफ अहमद के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और अंडरवर्ल्ड से जुड़े दिखाए गए हैं।

फिल्म में भले ही डिस्क्लेमर है, लेकिन आतिफ का किरदार हूबहू अतीक अहमद से मिल रहा है। हमने फिल्म में दिखाए आतिफ अहमद से जुड़े हर सीन और डायलॉग्स को देखा। फिल्म के दावे और अतीक की मौत पर यूपी पुलिस की जांच रिपोर्ट और चार्जशीट के फैक्ट्स से तुलना की।

फिल्म में 3 बार माफिया आतिफ की एंट्री धुरंधर-2 फिल्म 3 घंटे 52 मिनट की है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर वर्ल्डवाइड 236 करोड़ रुपए की कमाई कर नया रिकॉर्ड बनाया है।

सीन: 1 चकिया का ड्रग्स किंग पहले सीन में इलाहाबाद में उसके दबदबे और ड्रग्स के बिजनेस को दिखाया गया है। आतिफ किसी से मिलने नहीं जाता था, बल्कि लोग उससे चरस, अफीम, हशीश और टॉर्च पाउडर जैसी ड्रग्स खरीदने इलाहाबाद के चकिया आते थे।

सीन: 2 पाकिस्तान से कनेक्शन दूसरे सीन में यूपी के DGP संजय कुमार को दिखाया है। ये किरदार पूर्व DGP प्रशांत कुमार की तरह दिखता है। इस सीन में यूपी पुलिस को पहली बार पता चलता है कि आतिफ का कनेक्शन पाकिस्तान से है। वो भारत में फेक करंसी और ड्रग्स की सप्लाई में शामिल है। यूपी पुलिस को ये बात पता चलती है तो आतिफ की गैंग पर कार्रवाई शुरू हो जाती है। आतिफ और उसके भाई अशरफ को गिरफ्तार किया जाता है।

फिल्म में दावा: 2016 में हुई नोटबंदी ISI और अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के फेक करेंसी रैकेट को बेनकाब करने का मास्टरप्लान था। भारतीय सुरक्षा एजेंसी ने यूपी पुलिस को बताया कि पाकिस्तान से जुडे़ फेक करेंसी रैकेट में यूपी का आतिफ अहमद शामिल है।

हकीकत: अतीक अहमद से जुड़े उमेश पाल हत्याकांड और हथियार तस्करी मामले की जांच प्रयागराज पुलिस और UP-STF ने की थी। अतीक के विदेशी लिंक होने की वजह से जांच में ATS को भी शामिल किया गया। 13 जुलाई, 2023 को CJM कोर्ट में जांच एजेंसी ने पहली चार्जशीट दाखिल की।

चार्जशीट में अतीक अहमद के कबूलनामे और सबूतों के आधार पर बताया गया कि अतीक की गैंग IS-227 का ISI से सीधा कनेक्शन था। हालांकि, यूपी पुलिस की चार्जशीट में अतीक से जुड़े फेक करंसी रैकेट का जिक्र कहीं भी नहीं किया गया है। लिहाजा, फिल्म में अतीक से जुड़ा फेक करंसी का दावा सच नहीं है।

फिल्म में दावा: नोटबंदी से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने UP के DGP के साथ मिलकर आतिफ अहमद को गिरफ्तार कराया। हकीकत: नवंबर 2016 में नोटबंदी के समय उत्तर प्रदेश के DGP सैयद जावेद अहमद थे। वे 1 जनवरी 2016 को DGP बनाए गए थे। फिल्म में DGP संजय कुमार का किरदार यूपी के पूर्व DGP प्रशांत कुमार की तरह दिखता है। 1990 बैच के IPS अधिकारी प्रशांत कुमार उस समय DGP नहीं थे। प्रशांत कुमार फरवरी 2024 में DGP बने और मई 2025 में रिटायर हुए। फिल्म में दिखाई गई टाइमलाइन सही नहीं है।

फिल्म में दावा: आतिफ अहमद का ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्शन था। वो नेपाल और पंजाब के रास्ते भारत में अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल था। हकीकत: यूपी पुलिस ने दावा किया था कि मौत से पहले प्रयागराज के शाहगंज थाने में पूछताछ के दौरान अतीक ने कबूल किया था कि उसका ISI और लश्कर-ए-तैयबा से संपर्क था। पुलिस के दावे के मुताबिक, अतीक ने कहा था-

‘मेरे पास हथियारों की कमी नहीं है। मेरे सीधे संबंध ISI और लश्कर-ए-तैयबा से हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब बॉर्डर पर हथियार गिराए जाते हैं और ISI से जुड़े लोग उन लोकेशन पर जाकर हथियार उठा लेते हैं। मैं ISI और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कुछ लोगों के ठिकाने जानता हूं। मेरे भाई अशरफ को बाकी लोगों की पूरी जानकारी है।’

अतीक ने पुलिस को बताया कि मुझे उन जगहों की जानकारी है, जहां ये हथियार छिपाकर रखे गए हैं। वहां कोई मकान नंबर नहीं हैं। अगर पुलिस मुझे और मेरे भाई को साथ ले चलें, तो हम उन जगहों की पहचान कर सकते हैं।

इस कबूलनामे के बाद UP-STF अतीक और अशरफ को चकिया के कसारी-मसारी के जंगल में ले गई थी। वहां हथियार छिपाए गए थे। इसके बाद दोनों को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया। यहीं उनकी हत्या कर दी गई। अतीक को लेकर किया गया यूपी पुलिस का ये दावा कभी साबित नहीं हो पाया।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद्य कहते हैं, ‘अतीक अहमद सांसद होते हुए भी कुख्यात गैंगस्टर था। उसके पास से ब्रिटिश बुलडॉग रिवॉल्‍वर 455 बोर और एक वाल्‍थर पी88 जैसी विदेशी पिस्‍टल बरामद की गई। ये दोनों ही हाई-प्रोफाइल वेपन हैं, जो आसानी से नहीं मिल सकते।’

उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह कहते हैं, ‘अतीक अहमद ने कबूला था उमेश पाल की हत्या में ISI के भेजे हथियार इस्तेमाल हुए थे। ये हथियार पंजाब से यूपी लाए गए थे। अतीक के इस बयान के बाद STF ने उसके घर और दूसरे ठिकानों पर छापा मारा तो बड़ी संख्या में पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मुहर लगे कारतूस और हथियार मिले थे।’

सीन: 3 आतिफ और अशरफ का मर्डर आखिरी सीन पुलिस सुरक्षा घेरे में आतिफ अहमद की हत्या का है। इस सीन में हर एंगल को ठीक वैसा ही दिखाया गया है, जैसे 15 अप्रैल 2023 की रात 10:30 बजे पुलिस कस्टडी में, मीडिया के कैमरों के सामने अतीक अहमद की हत्या हुई थी। हमलावर पत्रकार बनकर पुलिस सुरक्षा के अंदर आ जाते हैं।

अतीक अहमद मीडिया के सामने कहता है- ‘मेन बात है कि गुड्डू मुस्लिम’… तभी अचानक हमलावर नजदीक आकर उसके सिर पर गोली मारते हैं। अतीक और उसके भाई अशरफ को मारने के बाद तीनों हमलावर पुलिस के सामने सरेंडर कर देते हैं।

15 अप्रैल 2023 को अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या की गई। तब उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए पुलिस अस्पताल ले जा रही थी।

15 अप्रैल 2023 को अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या की गई। तब उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए पुलिस अस्पताल ले जा रही थी।

फिल्म में दावा: पाकिस्तान में बैठा ISI अधिकारी इलियास कश्मीरी उर्फ मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) अतीक की मौत का LIVE वीडियो देख रहा था। अतीक-अशरफ की हत्या से उसकी प्लानिंग फेल हो गई। हकीकत: 3 जून 2011 को अमेरिका के ड्रोन हमले में इलियास कश्मीरी मारा गया था। उस वक्त वो साथियों के साथ सेब के बगीचे में बैठा था। वहीं, अतीक की हत्या 2023 में हुई। यहां भी टाइमलाइन मैच नहीं करती है।

STF और RAW को मिला था अतीक का ISI कनेक्शन दैनिक भास्कर ने अतीक के ISI कनेक्शन पर यूपी STF के एक सीनियर ऑफिसर से बात की। उन्होंने बताया, ‘अतीक अहमद की मौत से पहले 2021 में UP-STF और खुफिया एजेंसी रॉ ने एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। सितंबर 2021 में जीशान कमर नाम के आतंकी को पकड़ा गया था। जीशान उस पाकिस्तानी कैंप में जुड़ा था, जहां कसाब को ट्रेनिंग दी गई थी।’

‘जीशान ने UP-STF को बताया कि 2017 में वो प्रयागराज से पाकिस्तान गया था। तब अतीक के भाई अशरफ ने पासपोर्ट अधिकारी को लेटर भेजा था, ताकि पासपोर्ट जल्द मिल जाए। इस तरह पहली बार अतीक के ISI कनेक्शन का पता चला था।’

ये लेटर अशरफ की तरफ से पासपोर्ट अधिकारी को भेजा गया था। इसमें अशरफ ने लिखा था कि जीशान कमर मेरे यहां काम करते हैं।

ये लेटर अशरफ की तरफ से पासपोर्ट अधिकारी को भेजा गया था। इसमें अशरफ ने लिखा था कि जीशान कमर मेरे यहां काम करते हैं।

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कहां है अतीक की पत्नी शाइस्ता और गुड्डू बमबाज

24 फरवरी, 2023 जया पाल की जिंदगी की सबसे बुरी तारीख है। इस दिन उनके पति और पेशे से वकील उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड का मास्टरमाइंड अतीक अहमद था। उमेश की हत्या में शामिल 10 में से 6 आरोपी मारे जा चुके हैं। अतीक की पत्नी शाइस्ता, गुड्डू मुस्लिम के अलावा शूटर अरमान और साबिर पकड़े नहीं गए। पढ़ें पूरी खबर…



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