सिंग्रामपुर/// चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी तिथि को सिंग्रामपुर में जवारे दर्शन एवं विसर्जन की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शाम के समय निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
नवरात्रि के प्रथम दिन घर-घर में माता के नाम से घट स्थापना की गई थी। नवमी के दिन जवारों के विसर्जन के लिए निकली इस शोभायात्रा में पूरा गांव भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। जवारे दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
शोभायात्रा के दौरान पंडा-पुजारियों द्वारा की गई कठोर साधना के दृश्य भी देखने को मिले। कई पंडों ने माता की शक्ति का प्रदर्शन करते हुए गालों में बाने छेदकर शोभायात्रा में भाग लिया, वहीं कुछ भक्त अग्नि से प्रज्वलित खप्पर लेकर माता की भक्ति में लीन दिखाई दिए।
हालांकि, विसर्जन के दौरान व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। घाट पर बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्राम की गलियों एवं घाट पर अंधेरा होने के चलते लोगों को मोबाइल की रोशनी के सहारे ही विसर्जन करना पड़ा।
इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामवासियों में आक्रोश देखा गया। महिलाओं और पुरुषों ने घाट एवं डेम निर्माण नहीं होने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व यहां घाट निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक न तो डेम बना और न ही घाट का निर्माण कार्य शुरू हो सका।
ग्रामीणों ने बताया कि डेम के अभाव में उन्हें गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरकर जवारों का विसर्जन करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर लोगों में खासा रोष देखा गया।
उल्लेखनीय है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से घटस्थापना करते हैं और नवमी के दिन जवारों को देवी धामों में चढ़ाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
















