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मध्य प्रदेश में 104 पंचायत और नगर परिषद पदों की मतगणना आज: सुसनेर अध्यक्ष समेत 103 पदों के नतीजे घोषित होंगे, जानिए पूरी प्रक्रिया

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मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय उपचुनाव के तहत खाली हुए पदों को भरने के लिए आयोजित मतदान की मतगणना शनिवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हो रही है। राज्य भर में कुल 104 पदों के लिए 29 सितंबर को मतदान हुआ था, जिसमें 103 पंचायत प्रतिनिधि पद और आगर-मालवा जिले की सुसनेर नगर परिषद का अध्यक्ष पद शामिल है। इन सभी सीटों पर चुनावी नतीजों की घोषणा आज की जाएगी। मतगणना कार्य सुबह 8 बजे से विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है और प्रशासन ने इसके लिए व्यापक सुरक्षा एवं प्रशासनिक इंतजाम किए हैं। यह उपचुनाव राज्य की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे ग्रामीण और नगरीय निकायों में रिक्त पड़े प्रतिनिधित्व की पूर्ति होगी।

आगर-मालवा जिले के सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं। इस प्रतिष्ठित सीट के लिए मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच देखने को मिल रहा है। भाजपा ने अपनी ओर से प्रदीप सोनी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने विष्णु पाटीदार को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही दलों ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए सक्रिय प्रचार अभियान चलाया था। सुसनेर नगर परिषद में कुल 15 वार्ड हैं और इन वार्डों के मतदाताओं ने अध्यक्ष पद के चयन में निर्णायक भूमिका निभाई है। मतगणना केंद्र पर अब तक प्राप्त रुझानों और अंतिम नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और आम जनता में उत्सुकता बनी हुई है।

सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के साथ-साथ नलखेड़ा जनपद पंचायत के वार्ड 6 और वार्ड 11 के सदस्य पदों के लिए भी आज मतगणना हो रही है। नलखेड़ा जनपद के इन दोनों वार्डों के मतों की गिनती सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय महाविद्यालय में की जा रही है। वहीं, सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद की मतगणना आईटीआई कॉलेज सुसनेर में संपन्न हो रही है। प्रशासन ने मतगणना की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। सुसनेर नगर परिषद की मतगणना के लिए 15 टेबल लगाई गई हैं, जो कि 15 वार्डों के अनुरूप हैं। हालांकि, दो बड़े वार्डों—वार्ड 7 और वार्ड 10—में मतदान केंद्रों की संख्या अधिक होने के कारण विशेष व्यवस्था की गई है। इन दोनों वार्डों में दो-दो पोलिंग बूथ बनाए गए थे, इसलिए इनकी मतगणना दूसरे राउंड में की जाएगी। शेष वार्डों में एक-एक पोलिंग बूथ थे, जिनकी गिनती सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले राउंड में ही पूरी की जा रही है।

मतगणना प्रक्रिया की समय सारणी को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मतगणना कर्मियों और अधिकृत व्यक्तियों के लिए मतगणना केंद्र में प्रवेश का समय सुबह साढ़े 7 बजे से साढ़े 8 बजे तक निर्धारित किया गया था। इसके बाद सुबह 9 बजे से ईवीएम मशीनों से वोटों की गिनती औपचारिक रूप से शुरू हुई। मतगणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता से बचने के लिए करीब 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न शासकीय विभागों से तैनात किए गए हैं। इन कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों और मतगणना की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराने के लिए गुरुवार को आगर-मालवा में विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक दुर्ग विजय सिंह ने स्वयं प्रशिक्षण सत्र की निगरानी की और कर्मचारियों को पूर्ण सावधानी, निष्पक्षता तथा नियमानुसार कार्य करने के सख्त निर्देश दिए थे।

सुसनेर नगर परिषद चुनाव में मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो कि स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत है। नगर परिषद के 15 वार्डों में स्थापित 17 मतदान केंद्रों पर कुल 13,843 पंजीकृत मतदाता थे। इनमें से 10,515 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे मतदान प्रतिशत 75.96 प्रतिशत रहा। यह उच्च मतदान प्रतिशत दर्शाता है कि स्थानीय मुद्दों और नगर विकास को लेकर नागरिकों में जागरूकता है और वे अपने प्रतिनिधि के चयन को लेकर गंभीर हैं। इतनी बड़ी संख्या में मतदान होने के कारण मतगणना में समय लगने की संभावना थी, लेकिन प्रशासन ने पर्याप्त टेबल और कर्मचारी तैनात कर इसे समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने की योजना बनाई थी।

शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। मतगणना केंद्रों के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की मौजूदगी रखी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मध्य प्रदेश में पंचायत उपचुनाव की यह प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संचालित हो रही है। 29 सितंबर को हुए मतदान के बाद से ही ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया था और आज सील तोड़कर गिनती की जा रही है। समस्त राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा रही है ताकि जीतने वाले प्रत्याशी की वैधता पर कोई संदेह न रहे। आज घोषित होने वाले ये नतीजे न केवल सुसनेर और नलखेड़ा, बल्कि प्रदेश के अन्य 103 पंचायत पदों के लिए भी नए जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे, जो आगामी कार्यकाल में स्थानीय विकास और जनकल्याणकारी कार्यों की धुरी बनेंगे।