नई दिल्ली | 6 नवंबर 2025यदि आप रोजाना पेपर कप में चाय या कॉफी पीते हैं, तो सावधान हो जाइए। यह आदत धीरे-धीरे आपके शरीर में ज़हर घोल रही है। आईआईटी खड़गपुर की एक ताज़ा रिसर्च में खुलासा हुआ है कि पेपर कप में गर्म पेय डालने से मात्र 15 मिनट में 25,000 माइक्रोप्लास्टिक कण निकलते हैं, जो सीधे हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, जो व्यक्ति दिन में तीन बार पेपर कप में चाय या कॉफी पीता है, वह हर दिन करीब 75,000 सूक्ष्म प्लास्टिक कण निगलता है। ये कण शरीर में जमा होकर कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और नर्वस सिस्टम डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।एम्स (AIIMS) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस पर गंभीर चिंता जताते हुए लोगों को पेपर और प्लास्टिक कप का उपयोग बंद करने की सलाह दी है।
भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने कहा —> “पेपर कप की अंदरूनी परत पॉलीइथिलीन से बनी होती है, जो गर्म पेय के संपर्क में आने पर पिघलने लगती है। इससे माइक्रोप्लास्टिक और हानिकारक रासायनिक तत्व पेय में मिल जाते हैं। यह शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कुल्हड़, स्टील या चीनी मिट्टी के कप में चाय या कॉफी पीने की आदत डालें। ये न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रोप्लास्टिक के लगातार सेवन से शरीर में विषैले पदार्थों का जमाव होता है, जिससे प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर पड़ता है और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह:डिस्पोजेबल पेपर या प्लास्टिक कप का प्रयोग न करेंघर या दफ्तर में स्टील/कांच/कुल्हड़ कप रखेंबच्चों को स्कूल या पार्क में भी ऐसे बर्तनों के उपयोग के लिए प्रेरित करें#HealthAlert #AIIMS #IITKharagpur #Microplastic #KullhadChai #VandeBharatNews















