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22 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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गर्मियों में शरीर को कूल और एनर्जेटिक बनाए रखना चैलेंजिंग होता है। इसके लिए लोग तरह-तरह के ड्रिंक्स और फूड का सहारा लेते हैं। लेकिन बाजार के शुगरी और कैफीन युक्त ड्रिंक्स सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि प्रकृति ने कुछ ऐसी चीजें दी हैं, जो गर्मी के मौसम में हमें कूल रखने में मदद करती हैं।
इन्हीं में एक गोंद कतीरा है। यह एस्ट्रागलस (Astragalus) प्रजाति के पौधों से निकाला जाता है। आयुर्वेद में सदियाें से इसका इस्तेमाल शरीर को ठंडा रखने और पाचन सुधारने के लिए किया जाता रहा है।
रिसर्च जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड फार्माकोडायनामिक्स (RJPPD) की स्टडी के मुताबिक, गोंद कतीरा गर्मियों में शरीर को नेचुरली कूल रखता है। यह हीट-संबंधी समस्याओं से बचाने में भी कारगर है।
वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश स्टडी के मुताबिक, गोंद कतीरा में एंटी-माइक्रोबियल और इम्यून सपोर्टिव गुण होते हैं।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज बात गोंद कतीरा के हेल्थ बेनिफिट्स की। साथ ही जानेंगे-
- गोंद कतीरा में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
- इसे खाने का सही तरीका क्या है?
एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’
सवाल- गोंद कतीरा क्या होता है?
जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-
- गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद (रेजिन) है।
- इसे एस्ट्रागलस प्रजाति के पौधों की जड़ों और छालों से निकाला जाता है।
- यह सफेद या हल्के पीले क्रिस्टल जैसा होता है।
- पानी में भिगोने पर जेली जैसा बन जाता है।
- इसमें सॉल्यूबल फाइबर भरपूर होता है।
- इसलिए इसे कूलिंग और पाचन सुधारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- दुनिया में सबसे ज्यादा गोंद कतीरा ईरान में होता है।
सवाल- गोंद कतीरा में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
जवाब- इसमें डाइटरी फाइबर के अलावा कुछ और भी पोषक तत्व होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से 100 ग्राम गोंद कतीरा की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- गोंद कतीरा के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
जवाब- पाॅइंटर्स से समझिए-
- गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह शरीर का तापमान संतुलित रखता है।
- यह पानी सोखकर जेली जैसा बन जाता है, जिससे हाइड्रेशन में मदद करता है।
- इसमें नेचुरल प्रीबायोटिक गुण पाचन तंत्र को सपोर्ट करते हैं।
सभी हेल्थ बेनिफिट्स नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- गोंद कतीरा हमेशा गर्मी के मौसम में ही क्यों खाया जाता है?
जवाब- गोंद कतीरा पारंपरिक रूप से नेचुरल कूलेंट है। पानी में भिगोने पर यह जेली जैसा बन जाता है और शरीर को ठंडक देता है। इसे शरबत या दूध में मिलाकर लेने से डिहाइड्रेशन, कमजोरी और कब्ज से राहत मिलती है। इसलिए इसे गर्म मौसम में खाया जाता है।
सवाल- गोंद कतीरा खाने का सही तरीका क्या है?
जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-
- इसे रात में 1 गिलास पानी में 1 चम्मच गोंद कतीरा डालकर छोड़ दें।
- सुबह तक यह फूलकर मुलायम जेल जैसा हो जाएगा।
- इसे शरबत, दूध, दही, नींबू पानी या स्मूदी में मिलाकर ले सकते हैं।
- लड्डू में भी मिला सकते हैं।
- गोंद कतीरा बिना भिगोए न खाएं।
- यह बहुत सख्त होता है। सूखा खाने पर गले में फंस सकता है।
- पाचन तंत्र में ब्लॉकेज या गंभीर कब्ज का कारण बन सकता है।
सवाल- क्या गोंद कतीरा रोज खा सकते हैं?
जवाब- सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि हां, सीमित मात्रा में रोज खा सकते हैं। लेकिल कोई भी नई चीज डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
सवाल- एक बार में कितनी मात्रा में गोंद कतीरा खा सकते हैं?
जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 1–2 ग्राम गोंद कतीरा सुरक्षित है। इसे हमेशा पानी में भिगोकर लें। खाने के बाद पर्याप्त पानी पिएं।
सवाल- क्या गोंद कतीरा के कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं?
जवाब- हां, ज्यादा या गलत तरीके से खाने पर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
- यह सॉल्यूबल फाइबर से भरपूर है, इसलिए बिना पर्याप्त पानी के लेने पर गैस, कब्ज या आंतों में प्रॉब्लम हो सकती है।
- कुछ लोगों में एलर्जी या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
सवाल- किन लोगों को गोंद कतीरा खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
जवाब- गोंद कतीरा सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित है। लेकिन कुछ लोगों को इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं खाना चाहिए। जैसेकि-
- जिन्हें रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम है।
- जिन्हें किडनी से जुड़ी प्रॉब्लम है।
- जो किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं।
- जिन्हें गोंद कतीरा से एलर्जी है।
- जिनका पाचन तंत्र कमजोर है।
- प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं।

सवाल- गोंद कतीरा असली है या नहीं, ये कैसे पता करें?
जवाब- कुछ आसान तरीकों से इसकी पहचान की जा सकती है-
- यह पारदर्शी या हल्के पीले क्रिस्टल जैसा दिखता है।
- इसमें कोई स्मेल या स्वाद नहीं होता है।
- अगर पूरी तरह सफेद या मिट्टी के जैसा है तो मिलावटी हो सकता है।
- पानी में 6–8 घंटे भिगोने पर यह फूलकर जेली जैसा बन जाता है।
- अगर यह न फूले या पानी में घुल जाए तो मिलावट की आशंका है।
सवाल- बाजार से गोंद कतीरा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- गोंद कतीरा खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखें-
- यह पारदर्शी या हल्के पीले रंग का हो।
- पूरी तरह सफेद और अपारदर्शी न हो।
- टुकड़े साफ और बिना धूल-मिट्टी के हों।
- इसमें कोई स्मेल न हो।
- लेबल, एक्सपायरी डेट और ब्रांड की विश्वसनीयता जांचें।
- भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें।
- मिलावटी गोंद सही तरह से नहीं फूलता, इसलिए क्वालिटी चेक जरूरी है।
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