“भाई की हत्या में मेरा नाम आना, जीवन का सबसे बड़ा कलंक” — पूर्व विधायक संजीव सिंह ने तोड़ी चुप्पी, की CBI जांच की मांग

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धनबाद, 09 नवम्बर 2025झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने अपने जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा को साझा करते हुए शनिवार को कहा कि “मेरे जीवन का सबसे बड़ा दुख यह रहा कि मेरे ही भाई नीरज सिंह की हत्या के मामले में मेरा नाम आ गया।”उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि पारिवारिक और भावनात्मक रूप से बेहद दर्दनाक अनुभव रहा।

संजीव सिंह ने बताया कि वे और उनके छोटे भाई नीरज सिंह बचपन से एक-दूसरे के बेहद करीब थे। “हमने साथ खेला, साथ बड़े हुए, एक-दूसरे के सुख-दुख में हमेशा साथ रहे। ऐसे में यह कल्पना करना भी असंभव था कि उस घटना में मेरा नाम जुड़ जाएगा।”

पूर्व विधायक ने कहा कि नीरज सिंह की हत्या बेहद दुखद और चिंताजनक थी, और उन्होंने स्वयं इस मामले की CBI जांच की मांग की थी ताकि सच्चाई सामने आ सके।उन्होंने कहा कि “मैंने 2019 में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मामला करीब दो साल हाईकोर्ट में रहा। 2023 में अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा, लेकिन सरकार ने कहा कि CBI जांच की जरूरत नहीं है।”

संजीव सिंह ने बताया कि राजनीति में आने के बाद परिवार और परिचितों से दूरी बढ़ गई थी, पर अब वे इस दूरी को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। “पत्रकारों से भी दूरी रही, लेकिन अब मैं संवाद बहाल करना चाहता हूं। जनता के बीच रहना और उनकी भावनाएं समझना ही मेरा उद्देश्य है।”

उन्होंने कहा कि 2017 में जेल जाने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी रागिनी सिंह के माध्यम से जनता तक संदेश भेजा था कि “लोगों के बीच रहें और सेवा करें।”संजीव सिंह ने कहा कि रागिनी चुनाव हारने के बाद भी जनता के बीच सक्रिय हैं और समाजसेवा जारी रखे हुए हैं।

अपने स्वास्थ्य और राजनीतिक भविष्य पर बोलते हुए संजीव सिंह ने कहा कि वे स्वास्थ्य सुधार के बाद ही आगे की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा —“राजनीति में बने रहना ही बड़ी बात है। बहुत कुछ सहा है, लेकिन सच्चाई एक दिन जरूर सामने आएगी।”

पूर्व विधायक ने कहा कि इतने बड़े परिवार (पांच भाई और 13 बहनें) में हत्या का आरोप लगना उन्हें भीतर तक तोड़ गया। “मैं आज तक नहीं समझ पाया कि मुझ पर यह आरोप क्यों लगाया गया,” उन्होंने कहा।गौरतलब है कि वर्ष 2017 में झरिया के तत्कालीन डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या हुई थी। इस मामले में पूर्व विधायक संजीव सिंह मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किए गए थे।

संजीव सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि वे न्याय में विश्वास रखते हैं और CBI जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आने की उम्मीद करते हैं।📰 #VandeBharatNews

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