धनबाद में पिछले 15 दिनों से 50 से अधिक लोगों को काटकर आतंक मचाने वाला बंदर आखिरकार वन विभाग की रेस्क्यू टीम के हत्थे चढ़ गया। शनिवार देर रात गोल्फ ग्राउंड क्षेत्र से कई घंटों की मुश्किल कार्रवाई के बाद बंदर को पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे राजगंज और तोपचांची के बीच स्थित घने जंगल में छोड़ दिया गया।
बंदर के हमलों से दहशत में था शहर–:यह वही बंदर है जिसने प्रभातम मॉल, एक पब्लिक स्कूल और स्कूल वैन के अंदर बैठे दो बच्चों सहित 50 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया था। पिछले सप्ताह रेस्क्यू टीम के तीन सदस्यों को भी बंदर ने काटा था।
‘दोस्ती’ कर बंदर को पकड़ा, बाइक पर बैठकर गया जंगल–:शनिवार की दोपहर 4 बजे से रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ, जो रात 10 बजे तक चला। टीम ने जाल और खाने के लालच से बंदर को अपने करीब लाया। आश्चर्यजनक रूप से बंदर टीम के साथ ‘दोस्ती’ करता हुआ खुद बाइक पर बैठ गया और जंगल तक गया।पहली बार छोड़ने पर बंदर तेजी से लौट आया और दोबारा बाइक पर चढ़ बैठा। काफी मशक्कत के बाद उसे जंगल के अंदर गहराई में छोड़ा गया।
वापसी में दुर्घटना, तीन कर्मी घायल–:रात लगभग 12 बजे जब रेस्क्यू टीम शहर लौट रही थी, तभी उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना में फॉरेस्टर गौतम दास, रेस्क्यू कर्मी बजरंगी कुमार और गणेश वर्मा घायल हो गए। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई।
वन विभाग की टीम की सराहना–:बार-बार हमला करने वाले आक्रामक बंदर को बिना किसी नुकसान के पकड़ना और सुरक्षित जंगल तक पहुंचाना वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। टीम के साहस और प्रयास की सराहना की जा रही है।धनबाद में अचानक जंगल से निकलकर आए इस बंदर ने जिस तरह शहर को दहशत में डाला, उसने वन्यजीव सुरक्षा के साथ शहरी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।















