केंदुआडीह में जहरीली गैस का कहर तेज, दो महिलाओं की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में

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धनबाद: केंदुआडीह थाना क्षेत्र में जहरीली गैस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 48 घंटों में गैस के प्रभाव से दो महिलाओं—प्रियंका देवी (बुधवार) और ललिता देवी (गुरुवार)—की मौत हो चुकी है। वहीं 30 से 35 लोग अभी भी गैस की चपेट में हैं और विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। क्षेत्र में बढ़ते भय और दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।

गंभीर होती स्थिति के बीच शुक्रवार को धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल सहित कई शीर्ष अधिकारी केंदुआडीह पहुंचे। अधिकारियों ने राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, ऑफिसर कॉलोनी समेत प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और मजदूर संघ नेताओं व स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इलाके में कैंप कर रही है। चार से पांच एंबुलेंस हाई अलर्ट पर रखी गई हैं और डॉक्टर घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं। लगभग 10 हजार की आबादी जहरीली गैस के दुष्प्रभाव से परेशान है। लोगों का कहना है कि तेज दुर्गंध और सांस में जलन से घरों में रहना मुश्किल हो गया है।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि कई घरों में गैस का स्तर 2.5 मेज़र तक पाया गया है, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। प्रभावित घर पहले से डेंजर ज़ोन में चिन्हित थे, जिनका विस्थापन एक साल पहले होना था। अब प्रशासन ने तय समय सीमा में शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। फिलहाल टेंट, भोजन और राहत की अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

स्थिति को संभालने के लिए दो अस्पतालों में अतिरिक्त ऑक्सीजन युक्त बेड, आपात व्यवस्था और 24×7 मेडिकल सपोर्ट बढ़ाया गया है।

सिंफर से पहुंचे वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार राय ने कहा कि कार्बन मोनोऑक्साइड की उच्च मात्रा मुख्य कारण दिखाई दे रही है। वहीं डीजीएमएस के डिप्टी डायरेक्टर जावेद आलम ने पुष्टि की कि यहां खतरनाक गैस रिस रही है और मास्टर प्लान के तहत चिन्हित 81 स्थलों से पुनर्वास अनिवार्य है।

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