अमृतसर में प्रीगाबालिन के दुरुपयोग पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 75mg से ज्यादा की दवा की बिक्री और स्टॉक पर तत्काल रोक

वंदे भारत न्यूज़, अमृतसर। पंजाब के अमृतसर जिले में नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर जिला प्रशासन ने एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रीगाबालिन (Pregabalin) नामक दवा के नशे के लिए हो रहे लगातार दुरुपयोग को देखते हुए अमृतसर जिला प्रशासन ने 75 मिलीग्राम (mg) से अधिक क्षमता वाली प्रीगाबालिन दवाओं की बिक्री और उनके स्टॉक पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी किया गया है, जिसके तहत अब मेडिकल स्टोरों और फार्मेसियों पर इस निर्धारित मात्रा से अधिक की दवा रखना या बेचना गैर-कानूनी माना जाएगा।
प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत की गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि 75 मिलीग्राम से ज्यादा क्षमता वाली प्रीगाबालिन दवाओं का स्टॉक रखने और उनकी बिक्री करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रहे नशे के खतरे को कम करना और दवाओं के अवैध उपयोग पर अंकुश लगाना है। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक या फार्मासिस्ट डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) में लिखी गई मात्रा से अधिक दवा किसी ग्राहक को देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रीगाबालिन मूल रूप से एक ऐसी दवा है जिसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में नसों के दर्द (न्यूरोपैथिक पेन), मिर्गी (एपिलेप्सी) के दौरे और कुछ अन्य विशिष्ट चिकित्सीय स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। हालांकि, हाल के वर्षों में इस दवा का उपयोग नशे की प्रवृत्ति वाले लोगों द्वारा इसके मादक प्रभाव के लिए किया जाने लगा है। विशेषकर 75 मिलीग्राम से अधिक की उच्च खुराक (हाई डोज़) वाली प्रीगाबालिन का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा था, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों ही चिंतित थे। इसी बढ़ते खतरे को भांपते हुए अमृतसर जिला प्रशासन ने इसे रोकने के लिए यह ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है।
इस आदेश के बाद अब अमृतसर जिले में सभी मेडिकल स्टोर संचालकों, थोक दवा विक्रेताओं और फार्मासिस्टों को अपनी दुकानों और गोदामों से 75 मिलीग्राम से अधिक क्षमता वाली प्रीगाबालिन दवाओं का स्टॉक तुरंत हटाना होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे भविष्य में इस खुराक की दवा न तो खरीदें और न ही बेचें। जो मरीज वास्तव में चिकित्सीय कारणों से इस दवा का सेवन करते हैं, उन्हें डॉक्टर की वैध पर्ची के आधार पर ही केवल 75 मिलीग्राम या उससे कम की खुराक वाली दवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पर्ची में लिखी मात्रा से अधिक दवा देने वाले विक्रेताओं के खिलाफ बिना किसी ढील के कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पंजाब राज्य में नशे की समस्या एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा रहा है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन समय-समय पर नशीले पदार्थों और दवाओं की अवैध तस्करी तथा दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाते रहते हैं। अमृतसर, जो कि एक प्रमुख सीमावर्ती और धार्मिक पर्यटन शहर है, यहां नशे की रोकथाम को लेकर प्रशासन हमेशा से सतर्क रहा है। प्रीगाबालिन जैसे दवाओं के दुरुपयोग पर शिकंजा कसना इसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को लगातार ऐसी जानकारी मिल रही थी कि युवा वर्ग और नशे की लत से ग्रस्त लोग डॉक्टर की सलाह के बिना ही उच्च खुराक वाली प्रीगाबालिन कैप्सूल या टेबलेट खरीदकर उनका सेवन नशे के रूप में कर रहे हैं।
जिला प्रशासन के इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टरों की टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। यह टीमें अमृतसर शहर और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदेश का पालन सख्ती से हो रहा है। यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी फार्मेसी या मेडिकल स्टोर पर 75 मिलीग्राम से अधिक की प्रीगाबालिन दवा का स्टॉक पाया गया, या फिर बिना उचित पर्ची के इसकी बिक्री होती पाई गई, तो संबंधित संचालक के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
अमृतसर जिला प्रशासन ने आम जनता और मरीजों से भी अपील की है कि वे किसी भी दवा का सेवन केवल योग्य चिकित्सक की सलाह और पर्ची के आधार पर ही करें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी प्रकार की दवा, विशेषकर प्रीगाबालिन जैसी दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकता है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रतिबंध से न केवल दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी, बल्कि समाज में फैल रहे नशे के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। यह आदेश अमृतसर जिले की सीमाओं के भीतर तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

