Wed, 07 Oct 20269:23 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 9:23 AM IST
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अशोकनगर: बिजली तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार, 21.50 लाख रुपये का माल और वाहन जब्त

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अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में विद्युत तारों की चोरी की बढ़ती वारदातों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। सेहराई पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी किए गए विद्युत तार सहित कुल 21 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है। जब्त किए गए सामान में अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहन भी शामिल हैं, जिनमें एक बोलेरो, एक पिकअप वाहन और एक मोटरसाइकिल शामिल है। यह जानकारी सेहराई पुलिस द्वारा दी गई है।

सेहराई पुलिस के अनुसार, अशोकनगर जिले और इसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से विद्युत तारों की चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। खेतों और सुनसान इलाकों से बिजली के तार चोरी होने की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। चोरी की इन वारदातों से न केवल विद्युत विभाग को भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को भी बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इन्हीं शिकायतों और बढ़ती वारदातों को देखते हुए सेहराई थाना पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर जांच तेज कर दी थी।

पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी सुराग और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर काम करते हुए इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह आरोपी एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे। ये लोग रात के अंधेरे में अपने वाहनों से निकलते थे और सुनसान इलाकों या खेतों में लगे विद्युत तारों को काटकर चुरा ले जाते थे। चोरी किए गए तारों को ठिकाने लगाने और परिवहन के लिए इस गिरोह ने विशेष रूप से वाहनों का इंतजाम किया हुआ था। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य आपस में मिलकर योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे, जिससे उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया था। हालांकि, सेहराई पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते इस गिरोह का पर्दाफाश हो सका।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल नौ आरोपियों को हिरासत में लिया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के कब्जे से जो सामान बरामद किया गया है, उसकी अनुमानित कीमत 21 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। इस जब्त किए गए माल में चोरी के विद्युत तार और अन्य उपकरणों के साथ-साथ तीन महत्वपूर्ण वाहन भी शामिल हैं। पुलिस ने एक बोलेरो वाहन, एक पिकअप गाड़ी और एक मोटरसाइकिल को जब्त किया है। पुलिस का मानना है कि यही वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने और चोरी किए गए तारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए उपयोग में लाए जा रहे थे।

विद्युत तारों की चोरी ग्रामीण क्षेत्रों में एक बेहद गंभीर समस्या बन चुकी है। बिजली के तार चोरी होने से न केवल विद्युत वितरण कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है, बल्कि आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित होता है। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल पाती है, जिससे उनकी फसलों पर सीधा असर पड़ता है। इसके अलावा, कटे हुए तारों के कारण कई बार दुर्घटनाएं होने का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में अशोकनगर जिले की सेहराई पुलिस द्वारा इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश करना और इतनी बड़ी मात्रा में चोरी का माल तथा वाहन जब्त करना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस गिरोह का कोई और सदस्य भी है जो अभी फरार है, या क्या इन आरोपियों ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए तारों को ये लोग किसे बेचते थे और इस अवैध व्यापार में कौन-कौन से खरीदार शामिल थे। यदि पूछताछ में कोई और नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।

सेहराई पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें या कोई व्यक्ति रात के समय बिजली के खंभों या तारों के आसपास संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखे, तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस को समय पर दी गई सूचना ही ऐसे अपराधों को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अशोकनगर पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले में ऐसी आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सके।