Assam Election Miya Muslim; Himanta Biswa Sarma vs Gaurav Gogoi Wife Controversy

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असम में विधानसभा की 126 सीटों पर कल 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। दैनिक भास्कर असम के एक छोर बांग्लादेश बॉर्डर से दूसरे छोर अरुणाचल बॉर्डर तक पहुंचा। दो सवालों के जवाब तलाशे…

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  1. BJP और कांग्रेस में कौन बढ़त बनाता दिख रहा है?
  2. नेताओं के बयानों से अलग आम लोगों के मुद्दे क्या हैं?

जवाब के लिए आम लोगों, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। इससे ये 3 बातें समझ आईं…

1. असम में फिर हिमंता सरकार बन सकती है। BJP और सहयोगी पार्टियां 90 सीटों पर आगे नजर आ रही हैं। इसकी एक वजह ओरुनोडोई योजना है, जिसके तहत 60 लाख महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए।

  • 2021 में NDA को 75 सीटें मिली थीं। BJP ने 60, असम गण परिषद ने 9 और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने 6 सीटें जीती थीं।

2. कांग्रेस को 15 से 20 सीटें मिलने के आसार हैं। इसकी वजह पार्टी की कमजोर लीडरशिप है, गौरव गोगोई इकलौते पॉपुलर लीडर हैं।

  • 2021 में कांग्रेस के गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं। कांग्रेस ने 29, AIUDF ने 16, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 4 और CPI(M) ने एक सीट जीती थी। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट इस बार BJP के साथ है। AIUDF अकेले चुनाव लड़ रही है।

3. बदरुद्दीन अजमल की AIUDF, TMC और बाकी पार्टियों को 1 से 2 सीटें तक मिल सकती हैं। इसकी वजह BJP का मजबूत होना है। परिसीमन की वजह से भी मुस्लिम वोट बैंक बंट सकता है।

तीन हिस्सों में बंटा राज्य, निचले असम में सबसे ज्यादा 50 सीटें असम में 2016 से BJP की सरकार है। 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने तब CM रहे सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। BJP को 60 और सहयोगी पार्टियों को 15 सीटें मिली थीं। कांग्रेस गठबंधन 50 सीटों पर सिमट गया था। चुनाव के बाद BJP ने हिमंता को CM बनाया। पार्टी उनके नेतृत्व में पहली बार चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस ने पूर्व CM तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई को कमान सौंपी है। मई 2025 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।

असम तीन हिस्सों ऊपरी असम, निचला असम और बराक घाटी में बंटा है। ऊपरी असम में 46 सीटें हैं। यहां चाय बागान और असमिया पहचान सबसे बड़ा मुद्दा हैं। निचले असम में 50 सीटें हैं। बांग्लादेश बॉर्डर वाले इस इलाके में मियां मुसलमानों की आबादी ज्यादा है। बराक घाटी और आसपास के इलाके में 30 सीटें हैं। ये इलाका भाषाई और जनजातीय पहचान के लिए जाना जाता है।

हमारी टीम तीनों हिस्सों में पहुंची और यहां के मुद्दे समझे।

1. हश्वती शर्मा, Gen Z उम्र: 20 साल, गुवाहाटी ‘अभी सिर्फ कम्युनल पॉलिटिक्स का सीजन है। हमें नौकरी चाहिए, लेकिन सारा फोकस हिंदू-मुस्लिम पर है।’

2. तौफीक हुसैन मियां, मुस्लिम वोटर उम्र: 29 साल, धुबरी ‘मुसलमानों को निशाना बनाकर CM सिर्फ अपनी कुर्सी बचा रहे हैं। हम स्कूल-अस्पताल के नाम पर वोट देंगे।’

3. कृष्णा लाल गौढ़, बुजुर्ग उम्र: 75 साल, अपर असम ‘हिमंता का काम अच्छा है। इस बार BJP को जीतना चाहिए। वे अच्छा काम कर रहे हैं। बस इलाके में फैक्ट्री लग जाएं, तो लोगों को काम मिले।’

एक्सपर्ट बोले- महिला वोटर BJP की सबसे बड़ी ताकत असम में 37 साल से पत्रकारिता कर रहे इकबाल अहमद कहते हैं, ‘ओरुनोडोई योजना के जरिए हिमंता सरकार ने महिलाओं के खाते में हर महीने 1250 रुपए भेजे हैं। इसका असर दिखेगा।’ इकबाल के मुताबिक, ये मुद्दे भी असर करेंगे…

  • ब्रह्मपुत्र नदी की बाढ़ की समस्या पहले जैसी है। सरकार ने एजुकेशन पर काम किया, लेकिन करीब 10 हजार स्कूल बंद भी किए। इनके शिक्षकों को दूसरी नौकरी नहीं दी।
  • सरकारी जमीन से कब्जे हटाए गए, लेकिन बेदखल किए गए लोग कहां गए, यह बड़ा सवाल है।
  • जुबीन गर्ग की मौत का थोड़ा-बहुत असर पड़ेगा, लेकिन ये बड़ा मुद्दा नहीं है। पढ़े-लिखे और सांस्कृतिक तौर से जुड़े लोगों के मन में शक है कि इसमें कुछ गड़बड़ है।

‘एंटी इनकम्बेंसी नहीं, ग्राउंड पर BJP मजबूत’

  • 26 साल से असम में पत्रकारिता कर रहे राजीव दत्ता मानते हैं कि 10 साल सरकार में रहने के बाद भी BJP के खिलाफ गुस्सा नहीं है। कुछ सीटों पर पुराने विधायकों से लोग नाराज हैं, लेकिन इससे खास अंतर नहीं पड़ेगा।
  • सीनियर जर्नलिस्ट अभिक चक्रवर्ती के मुताबिक, असम में क्षेत्रीय दल सिमट रहे हैं। कांग्रेस लीडर गौरव गोगोई संसद में अच्छी डिबेट करते हैं, लेकिन लोकसभा में डिबेट करने और जमीन पर काम करने में अंतर है।
  • पॉलिटिकल एक्सपर्ट अदिप फुकन के मुताबिक, पिछले 10 साल से राज्य में विपक्ष नहीं था। अब विपक्ष मजबूत हुआ है। ओरुनोडोई योजना से BJP ने बड़ा दांव खेला है। इसके जरिए 60 लाख महिलाओं को पैसे दिए गए हैं। इसी दम पर वे चुनाव जीत जाएंगे।

एक एक्सपर्ट की राय अलग पॉलिटिकल एक्सपर्ट उत्पल बोरा अलग दावा करते हैं। वे कहते हैं कि लोग मौजूदा सरकार से संतुष्ट नहीं हैं। पार्टी के पुराने नेता हिमंता से खफा हैं। वे कह रहे हैं कि जिन कांग्रेसियों पर घोटालों के आरोप थे, वही अब BJP चला रहे हैं।

  • गौरव गोगोई को कांग्रेस की कमान देना फायदे का सौदा है। उनकी छवि साफ-सुथरी है। वे अहोम समुदाय से आते हैं।
  • हिमंता ने गोगोई की पत्नी पर पाकिस्तानी लिंक होने के आरोप लगाए, लेकिन साबित नहीं कर पाए। इससे BJP की किरकिरी हुई।
  • घुसपैठियों को बाहर निकालने और मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने जैसे वादों में सरकार फेल रही।

पार्टियां क्या कह रहीं… BJP के राज्य महासचिव और असम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रितुपर्णा बरुआ कहते हैं कि पार्टी जीत के लिए 100% आश्वस्त है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता गोपाल शर्मा कहते हैं कि इस बार कांग्रेस सहयोगी पार्टियों के साथ सरकार बनाएगी।

………………………… असम से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें…

1. घर-मदरसे टूटे, हिमंता से नाराज मुस्लिम बोले- ज्यादतियां याद रखेंगे

धुबरी के संतोषपुर में रहने वाले अफसर अली कपड़े की दुकान चलाते हैं। 8 जुलाई, 2025 को अफसर के अलावा 1400 और घर तोड़ दिए गए। करीब 12 हजार लोग बेघर हो गए। अफसर हिमंता पर मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाते हैं। कहते हैं कि मेरा घर मुस्लिम होने की वजह से तोड़ा गया। और ऐसा कहने वाले वे अकेले नहीं हैं। पढ़िए पूरी खबर…

2. गांव के हर घर में तांत्रिक, चुनाव में काला जादू करवाने आ रहे नेता

असम का मायोंग गांव काले जादू की राजधानी कहा जाता है। यहां के घर में तांत्रिक है। असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी हैं। इसलिए नेता और मंत्री भी जीत के लिए जादू-टोना करवाने मायोंग आने लगे हैं। गांव के तांत्रिक कैमरे पर नेताओं के नाम नहीं बताते। कैमरा बंद होने पर एक शख्स दावा करते हैं कि विधायक पीजूष हजारिका अक्सर यहां आते हैं। पढ़ें पूरी खबर…



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