औरंगाबाद में इंडिया गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन: अंबा चौक पर फूंके गए मोदी, शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले, वोट चोरी और एसआईआर के खिलाफ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार को इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के आह्वान पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन कथित तौर पर हुई वोट चोरी और एसआईआर (SIR) के मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था। महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने जिले के विभिन्न हिस्सों से निकलकर सड़कों पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।
औरंगाबाद शहर के प्रमुख अंबा चौक पर आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया। सुबह से ही कार्यकर्ता अपने-अपने प्रखंडों और क्षेत्रों से रैली के रूप में अंबा चौक की ओर बढ़ने लगे थे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता लगातार केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में वोट चोरी की जा रही है और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए और इसे मतदाता सूची में हेराफेरी का जरिया बताया।
अंबा चौक पर पहुंचने के बाद महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सभा का आयोजन किया। इस सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की। प्रदर्शन के चरम पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों में आग लगा दी। पुतला दहन के दौरान वहां मौजूद भीड़ ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि जब तक लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थाएं निष्पक्ष रूप से काम नहीं करेंगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा थी। महागठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग को पूरी तरह से केंद्र सरकार के दबाव में काम करते देखा जा रहा है, जिससे आम मतदाताओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं से विश्वास उठता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
यह प्रदर्शन केवल औरंगाबाद शहर के अंबा चौक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने इसी तरह का विरोध जताया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के कई प्रखंड मुख्यालयों पर भी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इन प्रखंडों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके गए। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं की सक्रियता देखी गई, जिससे पूरे जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं।
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का मुद्दा बिहार की राजनीति में काफी समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों का लगातार आरोप रहा है कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के नाम पर लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं या उनकी जानकारी में बदलाव किया जा रहा है। औरंगाबाद में हुए इस प्रदर्शन में भी कार्यकर्ताओं ने इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि उनके क्षेत्रों में कई योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिए गए हैं, जिससे उन्हें अपने मताधिकार के प्रयोग से वंचित रहना पड़ सकता है।
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान औरंगाबाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे। अंबा चौक और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। हालांकि, प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहे और पुतला दहन के कार्यक्रम के बाद वे अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट गए। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
इंडिया गठबंधन के इस व्यापक प्रदर्शन ने औरंगाबाद जिले में राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। महागठबंधन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और वोट चोरी तथा एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतरना उनका अधिकार है और वे केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
बुधवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि इंडिया गठबंधन आगामी दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर अपना दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। औरंगाबाद के अंबा चौक से लेकर जिले के दूरदराज के प्रखंडों तक गूंजे नारों ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि विपक्षी दल इन मुद्दों पर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि इस प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।

