बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर तीखा तंज, बोले- यूजीसी कानून किसी भी हालत में लागू नहीं होगा

बेगूसराय। वंदे भारत न्यूज़। बिहार के बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा तंज कसा। इस दौरान गिरिराज सिंह ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) से जुड़े नियमों और कानूनों को लेकर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूजीसी कानून किसी भी हालत में लागू नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री की ओर से दिए गए इस बयान को मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि शिक्षा नीतियों और विश्वविद्यालयों के नियमन को लेकर देश भर में लगातार बहस चल रही है।
बेगूसराय में उपस्थित लोगों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने विपक्षी नेताओं की आलोचना करने के लिए एक पारंपरिक कहावत का सहारा लिया। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कसाई के श्राप देने से गाय नहीं मरती है। उनके इस बयान का सीधा संकेत विपक्षी नेताओं द्वारा सरकार और सत्ताधारी दल के खिलाफ की जा रही आलोचनाओं और टिप्पणियों की ओर था। गिरिराज सिंह का यह कहना था कि विपक्षी नेताओं के इस तरह के बयानों या उनकी आलोचनाओं से सरकार के कामकाज या उसकी नीतियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने इस कहावत के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि विपक्ष की बातों से घबराने या विचलित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने यूजीसी कानून को लेकर जो रुख अपनाया है, वह शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया कि यूजीसी कानून को किसी भी परिस्थिति में लागू नहीं किया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब उच्च शिक्षा संस्थानों में यूजीसी के नए दिशा-निर्देशों और नियमों को लेकर विभिन्न वर्गों की ओर से अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में यह विस्तार से नहीं बताया कि वे यूजीसी के किस विशिष्ट प्रावधान या किस प्रस्तावित कानून की बात कर रहे हैं, लेकिन उनका रुख इस मामले में पूरी तरह से कड़ा और स्पष्ट दिखा।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर किए गए तंज के संदर्भ में देखें तो गिरिराज सिंह बीते लंबे समय से विपक्षी नेताओं, विशेषकर कांग्रेस और राजद के शीर्ष नेतृत्व पर हमलावर रहे हैं। बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गिरिराज सिंह अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस बार भी अपनी उसी शैली को बरकरार रखते हुए विपक्ष पर प्रहार किया। ‘कसाई के श्राप देने से गाय नहीं मरती’ वाली कहावत का उपयोग करके उन्होंने यह दर्शाने की कोशिश की कि विपक्षी नेताओं की बातों में कोई दम नहीं है और उनके आरोपों से सत्ता पक्ष को कोई नुकसान नहीं होने वाला है।
बेगूसराय में दिया गया उनका यह बयान स्थानीय स्तर पर भी काफी सुर्खियां बटोर रहा है। कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री के बयानों का स्वागत किया। गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष की कमजोरियों दोनों को रेखांकित करने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्षी दल बिना किसी ठोस आधार के केवल राजनीतिक लाभ के लिए सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि यूजीसी देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में समन्वय, मानक निर्धारण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार प्रमुख संवैधानिक निकाय है। समय-समय पर यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए नए नियम और दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, जिन्हें लेकर कई बार राजनीतिक और शैक्षणिक बहस छिड़ जाती है। गिरिराज सिंह का ताजा बयान इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने यूजीसी कानून के लागू न होने की बात दोहराई है।
कुल मिलाकर, बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का यह संबोधन दो मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रहा। पहला, यूजीसी कानून को लेकर उनका स्पष्ट और कड़ा रुख, जिसमें उन्होंने इसे किसी भी हालत में लागू न होने की बात कही। दूसरा, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर किया गया व्यंग्यात्मक प्रहार, जिसके लिए उन्होंने एक लोकप्रिय कहावत का इस्तेमाल किया। इन दोनों ही मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री के बयानों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और राजद की ओर से गिरिराज सिंह के इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया आती है और यूजीसी कानून को लेकर आगे क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है। फिलहाल, केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद बेगूसराय सहित राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

