Mon, 05 Oct 20268:45 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 8:45 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

भिंड: मां के साथ दवा लेने निकले 9 साल के बच्चे को ट्रैक्टर ने रौंदा, इंदिरा गांधी चौराहे के पास हुई दर्दनाक मौत

WhatsAppFacebookX

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। यहां इंदिरा गांधी चौराहे के समीप एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने नौ वर्षीय मासूम बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह बच्चा अपनी मां के साथ घर से महज कुछ दूरी पर स्थित मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए निकला था। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान चिराग यादव के रूप में हुई है। वह भिंड जिले के इटावा रोड स्थित सरस्वती नगर का निवासी था। चिराग के पिता का नाम प्रमोद यादव है। बताया जा रहा है कि नौ वर्षीय चिराग पिछले दो दिनों से बीमार चल रहा था। उसकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण परिवार के लोग काफी चिंतित थे और उसे लेकर लगातार उपचार की व्यवस्था कर रहे थे। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे चिराग अपनी मां सोनू के साथ घर से बाहर निकला था। दोनों मां-बेटे का उद्देश्य इटावा रोड पर स्थित काली माता मंदिर के पास मौजूद एक मेडिकल स्टोर से बीमारी की दवा खरीदना था।

मां सोनू अपने बीमार बेटे चिराग का हाथ पकड़े हुए सड़क किनारे चल रही थीं। वे लोग दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर की तरफ बढ़ रहे थे। तभी अचानक एक अनियंत्रित ट्रैक्टर वहां आ पहुंचा और उसने नौ साल के मासूम चिराग को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रैक्टर के पहिए बच्चे के ऊपर से गुजर गए, जिससे उसका शरीर बुरी तरह कुचल गया। यह पूरी घटना इतनी अचानक और तेजी से हुई कि मां सोनू या आसपास मौजूद किसी भी व्यक्ति को बच्चे को बचाने का मौका तक नहीं मिल सका।

इंदिरा गांधी चौराहे के पास हुई इस भीषण दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। बच्चे को ट्रैक्टर के नीचे कुचला हुआ देखकर मां सोनू बुरी तरह बदहवास हो गईं और जोर-जोर से रोने-चीखने लगीं। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने जब इस दर्दनाक मंजर को देखा तो उनकी भी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई, लेकिन ट्रैक्टर के भारी पहियों के नीचे आने से बच्चे को इतनी गंभीर चोटें आई थीं कि उसने दम तोड़ दिया था। नौ वर्षीय चिराग की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तुरंत इंदिरा गांधी चौराहे पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, स्रोत में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके पर रुका या फिर वह वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस द्वारा ट्रैक्टर और उसके चालक के संबंध में क्या कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

चिराग की अचानक और असमय मौत से सरस्वती नगर सहित पूरे इटावा रोड क्षेत्र में मातम पसर गया है। जिस बच्चे को दो दिन से बुखार या अन्य बीमारी ने परेशान किया हुआ था, उसकी जान दवा लेने जाते समय एक लापरवाह वाहन चालक ने ले ली। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता प्रमोद यादव और मां सोनू पर इस अपूरणीय क्षति का पहाड़ टूट पड़ा है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

भिंड शहर के इटावा रोड और इंदिरा गांधी चौराहे जैसे व्यस्त इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही हमेशा से सुरक्षा के लिहाज से एक संवेदनशील मुद्दा रही है। इस प्रकार की दुर्घटनाएं शहरी क्षेत्रों में ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों की एंट्री और उनकी गति पर नियंत्रण की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। स्थानीय निवासियों की मानें तो इस मार्ग पर अक्सर भारी वाहनों का आवागमन रहता है, जिससे पैदल चलने वालों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को खासा खतरा बना रहता है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की औपचारिकताओं के लिए भेज दिया है। मामले में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और शहरी क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नौ वर्षीय चिराग की मौत ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर लापरवाही किस तरह मासूमों की जान ले सकती है।