भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम: बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर बैठकर थालियां बजाईं, नियुक्ति और जॉइनिंग की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बड़ा प्रदर्शन किया है। अभ्यर्थियों ने शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थी सड़क के बीचोंबीच बैठ गए और अपनी नियुक्ति तथा जॉइनिंग की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपने हाथों में थालियां लेकर उन्हें बजाया और सरकार तथा संबंधित विभाग का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। इस अचानक हुए चक्काजाम के कारण बोर्ड ऑफिस चौराहे और आसपास के क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बता दें कि प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थी पिछले काफी समय से असंतोष जताते रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती परीक्षा में भाग लिया और चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद भी उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को बिना किसी और देरी के पूरा किया जाए और उन्हें तत्काल जॉइनिंग दी जाए। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी नियुक्ति और जॉइनिंग को लेकर कोई ठोस आश्वासन या लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने बताया कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों और विभाग से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है। आज के इस चक्काजाम के पीछे अभ्यर्थियों का उद्देश्य यह था कि उनका दर्द और उनकी मांग सीधे प्रशासन और सरकार तक पहुंचे। अभ्यर्थियों ने थालियां बजाकर एक अनोखा तरीका अपनाया, जिससे चौराहे पर मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर गया। अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक बनने का सपना लिए वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
इस चक्काजाम के कारण एमपी नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। बोर्ड ऑफिस चौराहा भोपाल के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त चौराहों में से एक है, जहां से दिनभर हजारों वाहनों का आवागमन होता है। अभ्यर्थियों द्वारा सड़क के बीचोंबीच बैठ जाने के कारण सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इससे सरकारी दफ्तरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य कामकाज के लिए जा रहे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक घंटों तक फंसे रहे।
अभ्यर्थियों के इस उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल पहुंच गया। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय थाने के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को सड़क से हटने और यातायात सुचारू रूप से चलने देने के लिए समझाइश देने का प्रयास किया। हालांकि, अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और उन्होंने साफ कर दिया कि बिना नियुक्ति और जॉइनिंग की गारंटी के वे सड़क खाली नहीं करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। राज्य भर में बड़ी संख्या में युवाओं ने इस भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया था। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए अभ्यर्थियों का मानना है कि उनकी नियुक्ति न केवल उनके लिए बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी बेहद जरूरी है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से नुकसान हो रहा है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी तैयारी के लिए वर्षों का समय दिया है और अब परिणाम आने के बाद भी जॉइनिंग न मिलने से वे निराश हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में अभी तक शिक्षा विभाग या स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या रुख अपनाएगा और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को कब तक पूरा किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आने वाले दिनों में अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उनका कहना है कि वे सड़क से लेकर सचिवालय तक हर स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए तैयार हैं।
भोपाल के एमपी नगर चौराहे पर हुआ यह चक्काजाम अभ्यर्थियों के बढ़ते आक्रोश और उनकी मजबूरी को दर्शाता है। प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थियों द्वारा थालियां बजाकर और सड़क पर बैठकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस समस्या का समाधान कैसे निकालती है और इन अभ्यर्थियों को उनकी नियुक्ति और जॉइनिंग कब तक मिल पाती है। फिलहाल, अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका प्रदर्शन जारी है।

