भोपाल: पूर्व प्रेमिका पर गोली चलाने से पहले आरोपी डॉक्टर ने देखी थी ‘दृश्यम-3’ फिल्म, जांच में सामने आई वारदात की क्रोनोलॉजी

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित डॉक्टर श्वेता ठाकुर हत्याकांड के प्रयास मामले में पुलिस की जांच से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर नवीन रोहिला द्वारा अपनी पूर्व प्रेमिका श्वेता ठाकुर पर घातक हमला करने और गोली चलाने से ठीक पहले की गतिविधियों का ब्योरा अब स्पष्ट हो गया है। पुलिस सूत्रों और जांच रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी डॉक्टर नवीन रोहिला ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने से मात्र कुछ घंटे पहले अपने मित्रों के साथ सिनेमाघर जाकर ‘दृश्यम-3’ फिल्म देखी थी। यह तथ्य जांच एजेंसियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि यह आरोपी की मानसिक स्थिति, उसकी योजनाबद्धता और वारदात से पूर्व उसके व्यवहार पैटर्न को समझने में मदद कर सकता है।
पुलिस की विस्तृत जांच में यह पुष्टि हुई है कि फिल्म देखने के बाद आरोपी नवीन रोहिला सीधे अपने घर लौटा था। घर पहुंचने पर उसने अपनी मां से भी बातचीत की थी। पारिवारिक सदस्यों से मुलाकात और सामान्य वार्तालाप के बाद वह पुनः घर से निकला और सीधे श्वेता ठाकुर के फ्लैट पर पहुंचा। फ्लैट पर पहुंचते ही उसने श्वेता ठाकुर पर फायरिंग कर दी। यह पूरी घटनाक्रम की समयरेखा (क्रोनोलॉजी) पुलिस द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर स्थापित की गई है। जांच अधिकारियों का मानना है कि फिल्म देखना, घर आना, मां से बात करना और फिर तत्काल बाद हमले को अंजाम देना, यह दर्शाता है कि आरोपी के मन में पूर्व नियोजित इरादा था और उसने भावनात्मक आवेश में नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से इस वारदात को निष्पादित किया।
‘दृश्यम’ फिल्म श्रृंखला अपने आप में अपराध, सबूत मिटाने और कानूनी प्रक्रियाओं से बचने की कहानी के लिए जानी जाती है। ऐसे में, वारदात से ठीक पहले आरोपी द्वारा इस विशेष फिल्म का चयन करना जांच का एक संवेदनशील बिंदु बन गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह औपचारिक रूप से स्थापित नहीं किया है कि फिल्म की कहानी का वारदात से कोई प्रत्यक्ष संबंध था या यह महज एक संयोग था, लेकिन आपराधिक मनोविज्ञान और जांच के दृष्टिकोण से इस पहलू को अनदेखा नहीं किया जा सकता। जांच टीम यह विश्लेषण कर रही है कि क्या फिल्म देखने के बाद आरोपी के व्यवहार में कोई परिवर्तन आया था या उसने किसी विशेष दृश्य से प्रेरणा लेकर अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया था।
डॉक्टर श्वेता ठाकुर पर हुए इस जानलेवा हमले ने भोपाल शहर और चिकित्सा समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। श्वेता ठाकुर स्वयं एक चिकित्सक हैं और उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा तथा सामाजिक संबंधों को देखते हुए यह मामला अत्यंत गंभीर है। आरोपी नवीन रोहिला भी पेशे से डॉक्टर है, जिससे यह मामला दो चिकित्सा पेशेवरों के बीच के विवाद और हिंसक परिणति के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच पूर्व में प्रेम संबंध थे, जो बाद में तनावपूर्ण हो गए थे। इसी तनाव और संबंधों में आई दरार को इस हिंसक घटना का प्राथमिक कारण माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री को खंगाला है ताकि फिल्म देखने से लेकर फायरिंग करने तक के हर मिनट की गतिविधि को सत्यापित किया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने वारदात के बाद भागने या सबूत छिपाने का प्रयास किया, जो ‘दृश्यम’ फिल्म की थीम से मेल खाता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के कारण उसे शीघ्र ही कानूनी शिकंजे में लिया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह से तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की अटकलबाजी से बचा जा रहा है और केवल वे ही तथ्य रिकॉर्ड पर लाए जा रहे हैं जो ठोस सबूतों द्वारा समर्थित हैं। आरोपी की मां से हुई बातचीत का ब्योरा भी जांच का हिस्सा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घर पर उसका व्यवहार कैसा था और क्या उसने अपनी योजना का कोई संकेत दिया था।
भोपाल पुलिस ने इस मामले में सभी आवश्यक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है और जांच जारी है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले कारतूस, खून के नमूने और अन्य भौतिक साक्ष्यों को विश्लेषण के लिए भेजा है। साथ ही, सिनेमाघर के टिकट, वहां के सीसीटीवी फुटेज और आरोपी के मित्रों के बयान भी रिकॉर्ड किए गए हैं ताकि यह पुष्टि की जा सके कि वह वास्तव में किस समय फिल्म देखने गया था और कब बाहर निकला। यह समयरेखा अभियोजन पक्ष के लिए न्यायालय में आरोपी की पूर्व नियोजित मंशा (premeditation) सिद्ध करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
यह मामला समाज में बढ़ते संबंधों के विवादों और उनकी हिंसक परिणति की ओर भी इशारा करता है। दो शिक्षित और प्रतिष्ठित पेशेवरों के बीच उत्पन्न व्यक्तिगत विवाद का इतना भयानक रूप लेना चिंता का विषय है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी को न्याय के कठघरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता श्वेता ठाकुर की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की प्रगति के बारे में मेडिकल बुलेटिन जारी किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आरोपी की वारदात से पहले की हर गतिविधि, चाहे वह फिल्म देखना हो या परिवार से मिलना, पूरी तरह से जांच के दायरे में आए ताकि न्यायिक प्रक्रिया में कोई कमी न रहे। इस मामले की अगली सुनवाई और जांच की प्रगति की जानकारी यथासमय साझा की जाएगी।

