काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पीएचडी की रिक्त 600 सीटों को भरने के लिए यूजीसी से मंजूरी मिल गई है। जल्द दूसरे चरण के तहत खाली सीटों को भरा जाएगा। बीएचयू ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से आग्रह किया था कि आवेदित प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों के
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विश्वविद्यालय के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए यूजीसी ने पीएचडी प्रवेश के लिए दूसरे चरण की स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति के बाद विवि प्रशासन अब रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (आरईटी) मुक्त श्रेणी की रिक्त सीटों को आरईटी श्रेणी में हस्तांतरित करेगा। इसके परिणामस्वरूप आरईटी उत्तीर्ण आवेदकों की प्रतीक्षारत सूची में शामिल योग्य विद्यार्थियों को इन रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
शिवम् सोनकर के समर्थन में सपा अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव सत्यप्रकाश सोनकर।
अब समझिए पीएचडी सीटों की गणित
बीएचयू के 16 संकायों और 140 विषयों में कुल 1540 सीटों पर पीएचडी प्रवेश नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इनमें कुल 791 सीटों पर प्रवेश हुए हैं। जिनमें 429 अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी, 198 को अन्य पिछड़ा वर्ग, 74 को अनुसूचित जाति, 27 को अनुसूचित जनजाति और 63 को आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के अंतर्गत प्रवेश दिया गया है। अब जो 600 सीट खाली है उसको नोटिफिकेशन जारी कर भरा जायेगा।

शिवम् सोनकर ने कहा अभी भी जारी रहेगा धरना।
विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स ने दलित छात्र शिवम् सोनकर की बताई है जीत
विश्वविद्यालय द्वारा नोटिफिकेशन जारी करके इसकी सूचना दे दी गई है कि जो भी रिक्त सीट है यूजीसी के आदेश के बाद उसे भरने की कवायत शुरू कर दी जाएगी वहीं दूसरी तरफ धरने पर बैठे दलित छात्रा शिवम् सोनकर ने कहा कि जब तक हमें लिखित आश्वासन नहीं मिल जाएगा तब तक हमारा धरना लगातार जारी रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने धरना समाप्त करने की अपील की है। वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के स्टूडेंट ने इस शिवम सोनकर की जीत बताइए है जो पिछले 17 दिनों से वीसी आवास के बाहर धरना दे रहे हैं।