पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, झारखंड में ‘कोयला सिंडिकेट’ और पुलिस–माफिया गठजोड़ का आरोप

editor
2 Min Read

धनबाद: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कथित रूप से चल रहे संगठित कोयला तस्करी नेटवर्क को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर किए गए एक विस्तृत पोस्ट में उन्होंने झारखंड–पश्चिम बंगाल सीमा से जुड़े इलाकों में अरबों रुपये के अवैध कोयला कारोबार का आरोप लगाया है।

रोजाना 5000 टन कोयले की डकैती” का दावामरांडी ने दावा किया कि रानीगंज और धनबाद क्षेत्र की अवैध खदानों से प्रतिदिन 5000 टन से अधिक कोयला चोरी कर बिहार और उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। उनके अनुसार यह अवैध परिवहन जीटी रोड के रास्ते बगोदर, गिरिडीह और हजारीबाग से होकर गुजरता है। तस्करी में फर्जी चालान और तथाकथित ‘डिस्को पेपर’ का इस्तेमाल कर राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

सत्ता संरक्षण का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार के पीछे पांडेय और सिंह गिरोह सक्रिय हैं, जिन्हें पुलिस और सत्ताधारी दल का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरिडीह के तत्कालीन एसपी दीपक शर्मा ने जब इस सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक वर्ष में 58 कोयला लदे ट्रक पकड़े, तो माफियाओं ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उनका तबादला करा दिया।

केंद्रीय एजेंसियों की जांच की चेतावनी

झारखंड पुलिस को टैग करते हुए बाबूलाल मरांडी ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो जब यह प्रकरण केंद्रीय जांच एजेंसियों के संज्ञान में आएगा, तब दोषी माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले नेता इसे राजनीतिक साजिश बताकर नहीं बच पाएंगे।

राजनीतिक हलचल तेज

मरांडी के इन आरोपों के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद प्रशासन और पुलिस पर अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ ठोस कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा।

Leave a Comment