रांची | धुर्वा-:धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल से लापता हुए दो मासूम बच्चों की तलाश को लेकर पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान तेज कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चार एसपी, छह डीएसपी और 12 थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम बच्चों की खोज में जुटी हुई है। यह भरोसा राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने लापता बच्चों के परिजनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को दिया।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि इस मामले की वे स्वयं निगरानी कर रही हैं और बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल भेजा गया है। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि जल्द ही इस मामले में सकारात्मक सूचना मिलेगी।इससे पूर्व मंगलवार को लापता बच्चों के परिजन और सामाजिक संगठनों के लोगों ने शहीद मैदान के सामने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत धरना प्रदर्शन किया। धरने के दौरान मौसीबाड़ी मलारकोचा निवासी सुनील यादव के 5 वर्षीय बेटे अंश और 4 वर्षीय बेटी अंशिका की सकुशल वापसी की मांग की गई।
धरना स्थल पर रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा, खलारी डीएसपी आर.एन. चौधरी, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। धरना की अगुवाई राजद नेता कैलाश यादव और विनोद यादव ने की।धरना समाप्त होने के बाद राजद नेता कैलाश यादव, लापता बच्चों के पिता सुनील यादव एवं प्रतिनिधिमंडल ने धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। करीब 25 मिनट की बातचीत में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
इधर, रांची पुलिस की सक्रियता भी नजर आई। पुलिस की एक टीम ने मौसीबाड़ी के समीप मंगलहाट क्षेत्र में दुकानदारों से गहन पूछताछ की, वहीं बच्चों की तस्वीर वाले पोस्टर भी शहर के विभिन्न इलाकों में चस्पा किए गए।परिजन और सामाजिक संगठनों को उम्मीद है कि पुलिस के इस सघन अभियान से जल्द ही दोनों मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी होगी।
















