रांची/धनबाद | 08 नवंबर 2025वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर फहीम खान को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने फहीम की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि उसे छह सप्ताह के भीतर जेल से रिहा किया जाए।
फहीम खान इस समय जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल में बंद है और वासेपुर के सगीर हसन सिद्दीकी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसने 29 नवंबर 2024 को झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिहाई की मांग की थी।
उसकी ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने पैरवी की और दलील दी कि फहीम की उम्र 75 वर्ष से अधिक हो चुकी है तथा वह 22 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद है। इस दौरान वह दिल और गुर्दे की गंभीर बीमारियों से पीड़ित रहा है। अधिवक्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसकी उम्र और सेहत को देखते हुए उसे रिमिशन सेंटेंस (सजा में छूट) के तहत रिहा किया जाए।
राज्य सरकार ने इस मामले में एक रिव्यू बोर्ड गठित किया था, जिसने फहीम खान को “समाज के लिए खतरा” बताते हुए रिहाई से इनकार कर दिया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान फहीम की ओर से पेश की गई दलीलों को स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश जारी किया।
पृष्ठभू–:मिफहीम खान का नाम पहली बार 1989 में वासेपुर हत्याकांड में सामने आया था। 10 मई 1989 की रात सगीर हसन सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गवाहों के अनुसार, सगीर अपने दोस्त आलमगीर के घर के बाहर बैठा था जब फहीम खान, छोटना उर्फ करीम खान और अरशद वहां पहुंचे, और फहीम ने सगीर के सिर में गोली मार दी।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 15 जून 1991 को सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन बिहार सरकार ने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए फहीम खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी 21 अप्रैल 2011 को हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
अब झारखंड हाईकोर्ट के ताजा आदेश से फहीम खान को लगभग 22 वर्षों बाद रिहाई का रास्ता मिल गया है।#FaheemKhan #DhanbadCrimeNews #JharkhandHighCourt #Wasseypur #BreakingNews















