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बीकानेर में ड्रोन तस्करी नेटवर्क का खुलासा, पाकिस्तान के तीन नागरिक नामजद; जांच में पंजाब कनेक्शन भी सामने आया

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बीकानेर। सीमा पार से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थ और हथियारों की तस्करी के मामले में बीकानेर पुलिस की जांच में नेटवर्क की कड़ियां पाकिस्तान तक पहुंचने का दावा किया गया है। पुलिस जांच के अनुसार सीमा पार से कथित तौर पर नशे और हथियारों की खेप भेजने वाले पाकिस्तान के तीन नागरिकों की पहचान की गई है और उन्हें मामले में नामजद किया गया है। नामजद किए गए लोगों में फोर्ट अब्बास निवासी चीता उर्फ डोगर, बहावलपुर निवासी अली खां और बहावलपुर निवासी बिल्ला खान के नाम सामने आए हैं।

यह कार्रवाई बीकानेर पुलिस द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन शॉकवेव’ की जांच से जुड़ी है। अगस्त 2026 में बीकानेर के सीमावर्ती खाजूवाला क्षेत्र में पुलिस ने ड्रोन के जरिए गिराई गई करीब 10 किलोग्राम हेरोइन, 11 हथियार, 22 मैगजीन और करीब 100 कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।

पूगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी से मिली थी हेरोइन

मामले की जांच की कड़ी इससे पहले पूगल थाना क्षेत्र में हुई एक कार्रवाई से भी जुड़ी बताई गई है। पुलिस को 22 अप्रैल को दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी से 13 किलो 476 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को स्थानीय स्तर पर काम कर रहे कथित तस्करी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।

जांच के दौरान खेताराम और राकेश प्रजापत के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगालना शुरू किया। इसी क्रम में खाजूवाला थाना क्षेत्र में भी 10 किलो हेरोइन और 11 हथियार बरामद होने की कार्रवाई सामने आई।

पुलिस की जांच में स्थानीय स्तर पर कथित रिसीवर, हैंडलर और पंजाब की जेल से नेटवर्क संचालित करने वाले लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।

पाकिस्तान से ड्रोन, पंजाब से संपर्क और राजस्थान में रिसीवर

जांच में कथित तौर पर तस्करी का एक बहुस्तरीय नेटवर्क सामने आया है। पुलिस के अनुसार सीमा पार बैठे हैंडलर और ड्रोन ऑपरेटरों द्वारा खेप भारतीय सीमा के पास भेजे जाने के बाद उसे स्थानीय स्तर पर रिसीव करने की व्यवस्था की जाती थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क में पंजाब की जेलों में बंद अपराधियों के संपर्क भी सामने आए हैं। इसके बाद राजस्थान में मौजूद स्थानीय हैंडलर और अन्य लोग ड्रोन से गिराई गई खेप को उठाने का काम करते थे।

बीकानेर पुलिस की कार्रवाई में पाली निवासी वीरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी का भी उल्लेख सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ऑपरेशन शॉकवेव में उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा स्थानीय तस्करों से आगे बढ़कर नेटवर्क के अन्य हिस्सों तक पहुंचा।

चार ड्रोन के बाद रिसीवर तक पहुंची पुलिस

पुलिस की ओर से की गई निगरानी और जांच के बाद कथित रिसीवर तक पहुंचने का दावा किया गया। इसके बाद जांच में सीमा पार बैठे तीन पाकिस्तानी नागरिकों के नाम सामने आए।

आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार चीता उर्फ डोगर, अली खां और बिल्ला खान को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस अब इनकी कथित भूमिका और सीमा पार से संचालित नेटवर्क से इनके संपर्कों की जांच कर रही है।

पुलिस की जांच का फोकस अब केवल ड्रोन से गिराई गई खेप बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने पर भी है कि सीमा पार से खेप भेजने वाले लोग कौन हैं, स्थानीय स्तर पर उन्हें कौन रिसीव करता था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

80 से अधिक संदिग्ध लोगों की निगरानी

जांच के बाद पुलिस ने ड्रोन आधारित मादक पदार्थ और हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े 80 से अधिक लोगों को अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित किए जाने की जानकारी दी है। इनमें पुराने मामलों में आरोपी रहे लोग, चार्जशीट हो चुके व्यक्ति, जेल से बाहर आए आरोपी और जमानत पर रिहा हुए लोग शामिल बताए गए हैं।

पुलिस इन लोगों के संपर्कों, आवाजाही और सीमावर्ती क्षेत्र में गतिविधियों की निगरानी कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन लोगों के बीच किस प्रकार संपर्क स्थापित किया जाता था और सीमा पार से आने वाली खेप को स्थानीय स्तर पर किस तरह आगे पहुंचाया जाता था।

50 करोड़ से अधिक की हेरोइन और हथियारों की बरामदगी

ऑपरेशन शॉकवेव के दौरान बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस ने 10 किलो उच्च गुणवत्ता की अफगानी हेरोइन के साथ 11 आधुनिक हथियार, 22 मैगजीन और करीब 100 कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के अनुसार हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक थी।

रिपोर्टों के अनुसार बरामद हथियारों में विदेशी निर्मित पिस्टल भी शामिल थीं। इस बरामदगी के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच को और विस्तृत किया।

जांच अब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर केंद्रित

बीकानेर पुलिस की इस कार्रवाई में जांच का दायरा ड्रोन से खेप गिराए जाने और उसे उठाने वाले स्थानीय लोगों से आगे बढ़कर कथित सीमा पार नेटवर्क तक पहुंच गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीमा पार से ड्रोन संचालन और खेप भेजने में किन लोगों की भूमिका थी, पंजाब में बैठे नेटवर्क से राजस्थान के लोगों का संपर्क कैसे हुआ और बरामद नशे तथा हथियारों को आगे कहां पहुंचाया जाना था।

मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी। नामजद किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।