बिलासपुर: हत्या के आरोपी हिस्ट्रीशीटर ने बस रोककर एजेंट को पीटा, सवारी बैठाने के लिए मांगी रंगदारी; CCTV वीडियो वायरल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक हत्या के मामले में हिस्ट्रीशीटर रहे बदमाश द्वारा गुंडागर्दी और रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि इस हिस्ट्रीशीटर ने चलती बस को रोककर बस एजेंट का काम करने वाले युवकों से रंगदारी की मांग की। जब युवकों ने रंगदारी देने से मना कर दिया, तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी जमकर पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वायरल हो रहे वीडियो और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बिलासपुर क्षेत्र में हुई है। आरोपी, जो कि पहले से ही एक हत्या के मामले में हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है, ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक बस को रास्ते में रोक लिया। बस को रोकने के बाद आरोपियों ने बस एजेंट का काम करने वाले युवकों से सवारी बैठाने के नाम पर रंगदारी की मांग की। बस एजेंटों का काम यात्रियों को बस तक लाना और उन्हें सही बस में बैठाना होता है, लेकिन आरोपियों ने इसी काम को आधार बनाकर उनसे अवैध वसूली यानी रंगदारी की मांग शुरू कर दी।
जब बस एजेंट का काम करने वाले युवकों ने आरोपियों की इस अवैध मांग का विरोध किया और रंगदारी देने से साफ इनकार कर दिया, तो हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों ने उग्र रूप धारण कर लिया। इसके बाद बदमाशों ने युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि बदमाशों ने युवकों की जमकर पिटाई की, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। हमले के दौरान आरोपियों ने अपनी दबंगई का खुलेआम प्रदर्शन किया, ताकि इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल बना रहे और कोई भी उनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत न कर सके।
इस गुंडागर्दी और मारपीट की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार आरोपी बस को रोकते हैं और फिर युवकों पर हमला करते हैं। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया, यह तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो ने न केवल आम जनता के बीच दहशत पैदा की है, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह पूछ रहे हैं कि हत्या जैसे संगीन अपराध में शामिल रहे हिस्ट्रीशीटर को खुलेआम गुंडागर्दी करने की छूट कैसे मिल रही है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि इतनी गंभीर घटना होने और वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले को दबाने की कोशिश किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्रों और स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई को सामान्य धाराओं में दर्ज करके रफा-दफा करने का प्रयास किया है। जबकि आरोपी एक हिस्ट्रीशीटर है और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रंगदारी मांगी तथा मारपीट की, ऐसे में सामान्य धाराओं में केस दर्ज करना पीड़ितों के साथ अन्याय माना जा रहा है। आरोप है कि बदमाशों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने ढिलाई बरती है, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
वहीं, इस पूरे मामले और वायरल वीडियो को लेकर जब पुलिस अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। संबंधित थाना प्रभारी (TI) ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। टीआई ने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या आरोपियों के खिलाफ रंगदारी और हिस्ट्रीशीटर होने के आधार पर सख्त धाराएं लगाई गई हैं या नहीं।
बिलासपुर में इस तरह की घटनाएं शहर की कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। एक तरफ जहां पुलिस अपराध नियंत्रण के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ हिस्ट्रीशीटरों द्वारा खुलेआम रंगदारी मांगना और मना करने पर मारपीट करना पुलिस के दावों की पोल खोलता है। बस एजेंटों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों में भी इस घटना के बाद भय का माहौल है। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते ऐसे बदमाशों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती है, तो इस तरह की गुंडागर्दी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
फिलहाल, सीसीटीवी वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस आरोपी हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों के खिलाफ कितनी तेजी से और कितनी सख्त कार्रवाई करती है। क्या सामान्य धाराओं में दर्ज किए गए मामले को अब गंभीर धाराओं में बदला जाएगा और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, यह बिलासपुर की जनता और पीड़ित युवकों के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। वंदे भारत न्यूज इस मामले पर पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

